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चीन की AI ताकत का बड़ा दांव: DeepSeek IPO की तैयारी में, वैल्यूएशन $75 अरब तक पहुंचने की उम्मीद

टेक्नोलॉजी/बिजनेस/अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 10 सितंबर 2026

Shanghai STAR Market में उतरने की तैयारी, इसी साल शुरू हो सकती है IPO प्रक्रिया

चीन की तेजी से उभरती AI कंपनी DeepSeek अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। Reuters की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने IPO की तैयारी के लिए चीन की बड़ी निवेश बैंकिंग कंपनी CITIC Securities को चुना है। DeepSeek की नजर चीन के Shanghai STAR Market पर है और सूत्रों के अनुसार IPO की प्रक्रिया इसी साल शुरू हो सकती है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि कंपनी IPO से कितना पैसा जुटाएगी, शेयर बाजार में लिस्टिंग कब होगी और उस समय कंपनी की वास्तविक वैल्यूएशन कितनी तय होगी।

DeepSeek की संभावित वैल्यूएशन ₹6.3 लाख करोड़ तक

DeepSeek इस समय नए निवेश दौर में है। Reuters के अनुसार, इस फंडिंग राउंड में कंपनी की संभावित वैल्यूएशन करीब 500 अरब युआन यानी 75 अरब डॉलर तक आंकी जा रही है। भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग ₹6.3 लाख करोड़ बैठती है। लेकिन ध्यान रखना जरूरी है कि यह संभावित फंडिंग वैल्यूएशन है, IPO की तय वैल्यूएशन नहीं। शेयर बाजार में उतरते समय कंपनी की कीमत इससे अलग हो सकती है।

जून में जुटाए करीब ₹6.2 लाख करोड़

DeepSeek ने जून में करीब 7.4 अरब डॉलर यानी लगभग ₹6.2 लाख करोड़ की फंडिंग जुटाई थी। उस निवेश के बाद कंपनी की वैल्यूएशन 50 अरब डॉलर से ज्यादा बताई गई थी। कंपनी के संस्थापक लियांग वेनफेंग ने करीब 20 अरब युआन का निवेश किया। वहीं Tencent ने 10 अरब युआन और CATL ने करीब 5 अरब युआन लगाए। इससे Tencent और CATL DeepSeek के बड़े बाहरी निवेशकों में शामिल हो गए।

AI के लिए सिर्फ मॉडल नहीं, अरबों की पूंजी चाहिए

AI की दुनिया में सफलता सिर्फ अच्छा मॉडल बनाने से नहीं मिलती। इसके लिए बड़े डेटा सेंटर, भारी कंप्यूटिंग क्षमता, महंगे चिप्स और दुनिया के बेहतरीन इंजीनियरों और शोधकर्ताओं की जरूरत होती है। DeepSeek तेजी से अपना तकनीकी ढांचा बढ़ाना चाहती है। ऐसे में IPO से मिलने वाली बड़ी पूंजी कंपनी को अपने AI मॉडल, कंप्यूटिंग क्षमता और शोध को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद कर सकती है।

चीन और अमेरिका की AI कंपनियों में बढ़ रहा मुकाबला

DeepSeek का IPO ऐसे समय में सामने आ रहा है जब चीन और अमेरिका के बीच AI की दौड़ तेज हो चुकी है। चीन की Z.AI और MiniMax जैसी कंपनियां पहले ही शेयर बाजार में उतर चुकी हैं, जबकि Moonshot भी Hong Kong में IPO की तैयारी कर रही है।

दूसरी तरफ अमेरिका में Anthropic और OpenAI जैसी कंपनियों की संभावित वैल्यूएशन बहुत ज्यादा बताई जा रही है। लेकिन बड़ी वैल्यूएशन के साथ बड़ी चुनौती भी है—AI कंपनियां आखिर कितनी तेजी से कमाई कर पाएंगी और इस भारी निवेश को मुनाफे में बदल पाएंगी?

DeepSeek के सामने टैलेंट बचाने की चुनौती

DeepSeek के लिए पैसा जुटाना ही सबसे बड़ी चुनौती नहीं है। AI के सबसे अच्छे वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और शोधकर्ताओं को अपने साथ बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है। Reuters के अनुसार, कंपनी हाल में कुछ प्रतिभाओं को ByteDance और Xiaomi जैसी कंपनियों के हाथों खो चुकी है। इसलिए IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल नई प्रतिभाओं को जोड़ने और मौजूदा कर्मचारियों को बेहतर प्रोत्साहन देने में भी किया जा सकता है।

क्या DeepSeek बनेगी चीन की AI ताकत का चेहरा?

DeepSeek ने दुनिया को यह संदेश दिया है कि AI की दौड़ में चीन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अब उसका IPO सिर्फ एक कंपनी की शेयर बाजार में एंट्री नहीं है। यह चीन के लिए अपनी AI क्षमता, तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक महत्वाकांक्षा दिखाने का बड़ा मौका भी है।

लेकिन असली सवाल IPO के बाद सामने आएगा—क्या DeepSeek 75 अरब डॉलर की संभावित वैल्यूएशन को मजबूत कारोबार और कमाई में बदल पाएगी? क्या वह अमेरिका की बड़ी AI कंपनियों के साथ मुकाबला करने के लिए पर्याप्त चिप, कंप्यूटिंग और प्रतिभा जुटा पाएगी? और क्या DeepSeek की शेयर बाजार में एंट्री चीन की AI इंडस्ट्री में निवेशकों का भरोसा और बढ़ाएगी?

DeepSeek अब सिर्फ AI मॉडल बनाने वाली कंपनी नहीं रह गई है। वह चीन की AI महत्वाकांक्षा का बड़ा चेहरा बनती जा रही है—और उसका अगला बड़ा इम्तिहान अब शेयर बाजार में होगा।

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