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नेपाल में तबाही का नया आंकड़ा: बाढ़ में 1,259 लोगों की मौत, 5 हजार से ज्यादा लापता; फिर बाढ़ का खतरा

भोटेकोशी नदी के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश से बढ़ी चिंता, राहत और बचाव अभियान के बीच नई आफत का डर

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू | 4 सितंबर 2026

मौतों का आंकड़ा 1,259 पहुंचा

नेपाल में आई भीषण अचानक बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी है। गुरुवार तक बाढ़ और उससे जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,259 हो गई। नेपाल की आपदा प्रबंधन एजेंसी के अनुसार, 5,083 लोग अभी भी लापता हैं। प्रभावित इलाकों से लगातार शव मिलने के कारण मृतकों की संख्या बढ़ रही है। हालात इतने गंभीर हैं कि बचाव दल के सामने सिर्फ मलबे में दबे लोगों को तलाशने की चुनौती नहीं है, बल्कि कई इलाकों में फिर से बाढ़ आने का खतरा भी बना हुआ है।

बारिश रुकी नहीं, फिर मंडराया खतरा

सबसे बड़ी चिंता अब भोटेकोशी नदी को लेकर है। नदी के ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश हो रही है, जिससे पानी का स्तर फिर तेजी से बढ़ सकता है। ऐसे में जिन इलाकों में लोग पहले ही बाढ़ और भूस्खलन से तबाह हो चुके हैं, वहां एक और बाढ़ की आशंका ने प्रशासन और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यानी नेपाल में राहत अभियान अभी ठीक से संभल भी नहीं पाया है और मौसम ने एक नई चुनौती सामने खड़ी कर दी है।

मलबे में जिंदगी की तलाश

बाढ़ का पानी उतरने के बाद कई इलाकों में तबाही का असली मंजर सामने आ रहा है। घरों और सड़कों पर मलबा जमा है, कई जगह रास्ते टूट चुके हैं और बड़ी संख्या में लोग अपने परिवार के सदस्यों की तलाश कर रहे हैं। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। हेलीकॉप्टरों के जरिए भी प्रभावित इलाकों का जायजा लिया जा रहा है और जहां सड़क संपर्क टूट गया है, वहां हवाई रास्ते से मदद पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।

5 हजार से ज्यादा लोगों का पता नहीं

सबसे ज्यादा चिंता उन 5,083 लोगों को लेकर है जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने से आने वाले दिनों में मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। बचाव दल मलबे, नदी किनारे और प्रभावित गांवों में लगातार तलाश कर रहे हैं। कई जगहों पर भारी मलबे और खराब मौसम के कारण अभियान बेहद मुश्किल बना हुआ है।

सिर्फ राहत नहीं, अब नई बाढ़ से बचाने की चुनौती

नेपाल के सामने इस समय दोहरी चुनौती है। एक तरफ पहले से प्रभावित लोगों को भोजन, पानी, दवाइयां और सुरक्षित जगह पहुंचाने की जरूरत है, तो दूसरी तरफ ऊपरी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण नई बाढ़ का खतरा बना हुआ है। अगर भोटेकोशी नदी का जलस्तर फिर बढ़ता है तो पहले से कमजोर हो चुके इलाकों में स्थिति और बिगड़ सकती है। प्रशासन को इसलिए राहत अभियान के साथ-साथ संभावित नई बाढ़ से बचाव की तैयारी भी करनी पड़ रही है।

नेपाल की सबसे बड़ी प्राकृतिक आपदाओं में शामिल हुआ संकट

1,259 मौतों और 5 हजार से अधिक लोगों के लापता होने का आंकड़ा इस आपदा की गंभीरता को दिखाता है। बाढ़ और भूस्खलन ने केवल लोगों की जान ही नहीं ली, बल्कि घरों, सड़कों और संपर्क व्यवस्था को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। आने वाले दिन राहत और बचाव अभियान के लिए बेहद महत्वपूर्ण होंगे। सबसे बड़ा सवाल अब यह है कि क्या लगातार बारिश के बीच बचाव दल हजारों लापता लोगों तक पहुंच पाएंगे और क्या नेपाल को एक और बड़ी बाढ़ से बचाया जा सकेगा?

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