राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | पुडुचेरी | 13 अगस्त 2026
पुडुचेरी में CJP के सह-संयोजक और प्रवक्ता सौरव दास के परिवार के घर पुलिस पहुंचने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। दास ने आरोप लगाया कि पुलिस ने व्हाइट टाउन स्थित उनके पारिवारिक घर में पहुंचकर परिजनों से पूछताछ की और यह कार्रवाई उन्हें राजनीतिक गतिविधियों के चलते डराने-धमकाने के उद्देश्य से की गई। दास ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि पुलिस को उनके परिवार के घर भेजने का आदेश किसने दिया और इसका मकसद क्या था। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें चुप कराने या डराने की कोशिश की जा रही है तो यह कामयाब नहीं होगी, बल्कि इससे उनका संकल्प और मजबूत होगा।
पुलिस बोली—किसी को निशाना नहीं बनाया
पुडुचेरी पुलिस ने दास के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके परिवार को विशेष रूप से निशाना नहीं बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले व्हाइट टाउन इलाके में सुरक्षा व्यवस्था की नियमित जांच चल रही है। इसी क्षेत्र में उपराज्यपाल का आवास, बीच रोड और वीआईपी आवाजाही वाले कई महत्वपूर्ण मार्ग आते हैं। अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा अभ्यास के तहत घरों और प्रतिष्ठानों में रहने वाले लोगों, मेहमानों और विदेशी नागरिकों से संबंधित सामान्य जानकारी का सत्यापन किया जा रहा था।
‘घर के अंदर तक नहीं गई पुलिस’
पुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि जांच के दौरान अधिकारी दास के परिवार के घर के अंदर तक नहीं गए थे। उनके अनुसार, इलाके के दूसरे घरों और प्रतिष्ठानों में भी इसी तरह की पूछताछ की जा रही थी। पुलिस का कहना है कि यह स्वतंत्रता दिवस परेड से पहले की सामान्य सुरक्षा कवायद है और दास या उनके परिवार के खिलाफ कोई लक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
दास बोले—’डराने से चुप नहीं होंगे’
दूसरी ओर, दास का कहना है कि उनके परिवार से इस तरह पूछताछ किए जाने से सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने इसे अपने राजनीतिक विरोध और दिल्ली में उनकी गतिविधियों से जोड़ते हुए कहा कि दबाव बनाने की कोशिश उन्हें पीछे हटने के लिए मजबूर नहीं कर सकती। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का काम कानून के मुताबिक कार्रवाई करना है, न कि किसी को भयभीत करना।
विवाद के बीच आमने-सामने दो दावे
इस पूरे मामले में फिलहाल दास और पुलिस के दावों में स्पष्ट अंतर है। दास इसे राजनीतिक दबाव और परिवार को डराने की कोशिश बता रहे हैं, जबकि पुलिस इसे स्वतंत्रता दिवस से पहले की नियमित सुरक्षा जांच बता रही है। इसलिए इस कार्रवाई का वास्तविक उद्देश्य क्या था, यह दोनों पक्षों के दावों और उपलब्ध तथ्यों के बीच आगे की स्पष्टता पर निर्भर करेगा।




