राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | शिमला/नई दिल्ली | 29 जुलाई 2026
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत द्वारा Gen Z और हालिया छात्र आंदोलनों में शामिल छात्राओं को लेकर की गई कथित टिप्पणियों पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने बुधवार को BJP के शीर्ष नेतृत्व से इस मामले में सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग करते हुए पूछा कि क्या कंगना रनौत की टिप्पणियां पार्टी की आधिकारिक सोच को दर्शाती हैं। कांग्रेस ने यह भी मांग की कि यदि ऐसा नहीं है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
शिमला में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुलदीप राठौर ने कहा कि कंगना रनौत ने हाल के छात्र आंदोलनों में शामिल युवा पीढ़ी, विशेषकर छात्राओं, के पहनावे, चरित्र और व्यवहार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सांसद ने प्रदर्शनकारी छात्राओं के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिससे देशभर की महिलाओं और युवतियों की गरिमा को ठेस पहुंची है।
कुलदीप राठौर ने कहा कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि, विशेषकर महिला सांसद से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जा सकती। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति व्यक्त करने वाले छात्रों और युवाओं का सम्मान किया जाना चाहिए, न कि उन्हें अपमानित करने वाली भाषा का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि BJP नेतृत्व को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या कंगना रनौत के बयान पार्टी की आधिकारिक विचारधारा का हिस्सा हैं। यदि नहीं, तो पार्टी को उनके खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए ताकि यह संदेश जाए कि महिलाओं और छात्रों के सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब देश में छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से ही गर्म है। हाल के दिनों में पेपर लीक, शिक्षा सुधार और छात्र प्रदर्शनों को लेकर संसद से लेकर सड़कों तक तीखी बहस देखने को मिली है। विपक्ष लगातार सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है, जबकि सरकार कानून-व्यवस्था और शिक्षा सुधार के अपने कदमों का बचाव कर रही है।
कंगना रनौत की टिप्पणियों को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई नेताओं ने उनके बयान की आलोचना की, जबकि BJP की ओर से इस विषय पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद आने वाले दिनों में और गहरा सकता है, क्योंकि मामला महिलाओं की गरिमा, युवाओं और अभिव्यक्ति की मर्यादा से जुड़ा हुआ है।
कांग्रेस ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी आंदोलन में शामिल छात्रों या छात्राओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। पार्टी ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखना हर जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है।
फिलहाल इस पूरे विवाद पर BJP नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पार्टी कंगना रनौत के बयान से स्वयं को अलग करती है या उनके पक्ष में खड़ी होती है। इस बीच कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वह इसे राजनीतिक और सार्वजनिक मंचों पर लगातार उठाती रहेगी।
कंगना रनौत की टिप्पणियों को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब केवल एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह राजनीतिक विमर्श, महिलाओं के सम्मान, युवाओं की भूमिका और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा जैसे व्यापक मुद्दों का हिस्सा बन चुका है।




