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पेपर लीक मामलों की सुनवाई के लिए दिल्ली में फास्ट-ट्रैक कोर्ट, PM मोदी के ऐलान के एक दिन बाद हाई कोर्ट का फैसला

राष्ट्रीय | काव्या अग्रवाल | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 24 जुलाई 2026

पेपर लीक मामलों में तेजी से सुनवाई और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने एक विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट नामित कर दिया है। यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पेपर लीक मामलों के लिए देशभर में फास्ट-ट्रैक अदालतें स्थापित करने की घोषणा के एक दिन बाद लिया गया।

दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, न्यायिक अधिकारी अनु ग्रोवर बलिगा की अदालत को पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 और उससे जुड़े अन्य मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया गया है। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

यह विशेष अदालत राउज एवेन्यू कोर्ट कॉम्प्लेक्स से संचालित होगी। अनु ग्रोवर बलिगा इससे पहले तिस हजारी कोर्ट के केंद्रीय जिला मध्यस्थता केंद्र की प्रभारी न्यायाधीश के रूप में कार्यरत थीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को कहा था कि सरकार पेपर लीक से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए फास्ट-ट्रैक अदालतों की व्यवस्था करेगी। उन्होंने कहा था कि “जो लोग देश के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करेंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।” साथ ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए थे।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब कथित NEET-UG पेपर लीक को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। जंतर-मंतर पर Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में छात्र कई दिनों से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।

सरकार का कहना है कि फास्ट-ट्रैक कोर्ट व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा में धांधली करने वालों के खिलाफ मामलों का जल्द निपटारा कर छात्रों का भरोसा मजबूत करना है। दूसरी ओर, आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि केवल त्वरित सुनवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी तय करने और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की भी जरूरत है।

अब इस विशेष अदालत के गठन के बाद उम्मीद की जा रही है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई पहले की तुलना में अधिक तेजी से होगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया में भी तेजी आएगी।

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