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रुकावटों के बावजूद गांधी स्मृति पहुंचे राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के सांसद, बोले- छात्रों की आवाज दबने नहीं देंगे

राष्ट्रीय | हनुमान मिश्रा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026

जंतर-मंतर पर जारी छात्र आंदोलन के बीच गुरुवार को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी INDIA गठबंधन के सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के साथ 30 जनवरी मार्ग स्थित गांधी स्मृति पहुंचे। यहां सभी नेताओं ने कथित NEET पेपर लीक के बाद जान गंवाने वाले छात्रों को श्रद्धांजलि दी और आंदोलन में घायल छात्रों के प्रति एकजुटता जताई। इस दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

इससे पहले राहुल गांधी के आवास पर INDIA गठबंधन की रणनीतिक बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, अखिलेश यादव, सुप्रिया सुले, महुआ मोइत्रा, मीसा भारती, जयराम रमेश, पी. चिदंबरम, के.सी. वेणुगोपाल समेत कई विपक्षी नेता शामिल हुए। बैठक के बाद सभी नेता बसों से गांधी स्मृति के लिए रवाना हुए।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि विपक्ष पहले छात्रों के समर्थन में इंडिया गेट जाना चाहता था, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद गांधी स्मृति जाने के दौरान भी रास्ते में बैरिकेड लगाए गए और बस रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, “अगर छात्र सड़क पर हैं, तो विपक्ष को भी उनके साथ सड़क पर होना चाहिए। भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके साथ और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।”

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच X पर भी लिखा कि गांधी स्मृति की यह यात्रा उन छात्रों की याद में है जिन्होंने कथित NEET पेपर लीक के बाद अपनी जान गंवाई, और उन छात्रों के समर्थन में है जो न्याय की मांग करते हुए घायल हुए। उन्होंने कहा कि विपक्ष हर छात्र के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगा।

गांधी स्मृति पहुंचने के बाद विपक्षी नेताओं ने एक-एक कर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, “यह गांधी का भारत है, हिटलर का नहीं। गांधी और अहिंसा हमेशा जिंदा रहेंगे।”

कांग्रेस नेता मनोज कुमार ने कहा, “आज हमने गांधी जी के सामने संकल्प लिया है कि जैसे उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ अहिंसा का रास्ता अपनाया था, वैसे ही लोकतांत्रिक तरीके से तानाशाही का मुकाबला करेंगे। मैं देशवासियों से अपील करता हूं कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई में आगे आएं।”

पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “गांधी जी न्याय के प्रतीक हैं। राहुल गांधी लगातार छात्रों की आवाज उठा रहे हैं, लेकिन सरकार अब भी अपनी जिद पर अड़ी है। इससे दुनिया में भारत की छवि प्रभावित हो रही है।”

कांग्रेस महासचिव कुमारी शैलजा ने कहा, “राहुल गांधी ने हमेशा कहा है कि सड़क से संसद तक छात्रों की आवाज दबने नहीं देंगे। सरकार को छात्रों की मांग सुननी ही होगी।”

कांग्रेस नेता वर्षा गायकवाड़ ने प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग पर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, “जिन लोगों ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हम सड़क से लेकर संसद तक छात्रों के हक की लड़ाई लड़ेंगे।”

कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने दोहराया कि “केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले इस्तीफा दें, उसके बाद ही संसद में सार्थक चर्चा हो सकती है। यह पूरे देश की मांग है।”

वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया पर छात्रों के समर्थन में लिखा, “भारत के छात्र अकेले नहीं हैं। पूरा विपक्ष उनके और उनकी मांगों के साथ खड़ा है।”

उधर, राजधानी में छात्र आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। विपक्ष हालांकि इस मुद्दे पर सरकार को लगातार घेर रहा है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम है।

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