राष्ट्रीय | पलक राय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
जंतर-मंतर पर जारी Cockroach Janta Party (CJP) के आंदोलन के बीच सरकार और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता को लेकर गतिरोध बना हुआ है। CJP ने स्पष्ट किया है कि वह केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय जाकर बातचीत नहीं करेगी। संगठन का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में समाधान चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर या फिर दोनों पक्षों की सहमति से किसी तटस्थ (न्यूट्रल) स्थान पर बातचीत करनी चाहिए।
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन शुरू से ही बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन वार्ता ऐसे स्थान पर होनी चाहिए, जहां पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि यदि सुरक्षा कारणों से मंत्री जंतर-मंतर नहीं आ सकते, तो जंतर-मंतर के आसपास किसी न्यूट्रल स्थान पर बैठक की जा सकती है।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार का कहना है कि आंदोलन को समाप्त कराने के लिए लगातार संवाद की कोशिश की जा रही है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार, सरकार ने CJP प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए चार प्रस्ताव भेजे हैं और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के आवास या कार्यालय में बैठक का निमंत्रण भी दिया है।
CJP का कहना है कि आंदोलन केवल औपचारिक बातचीत से समाप्त नहीं होगा। संगठन ने दोहराया कि सरकार को उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस आश्वासन देना होगा। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग, 20 जुलाई के प्रदर्शन से जुड़े शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने तथा छात्रों से जुड़े अन्य मुद्दों पर कार्रवाई शामिल है।
जंतर-मंतर पर आंदोलन लगातार जारी है और विभिन्न राज्यों से छात्र व समर्थक प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं। सरकार और CJP दोनों ने बातचीत के दरवाजे खुले होने की बात कही है, लेकिन बैठक के स्थान को लेकर बनी असहमति के कारण फिलहाल वार्ता आगे नहीं बढ़ सकी है।




