अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन/तेहरान | 23 जुलाई 2026
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अब दुनिया की नजर ईरान के एक बेहद गोपनीय परमाणु ठिकाने ‘पिकऐक्स माउंटेन’ पर टिक गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अमेरिका “बहुत जल्द” इस इलाके पर सैन्य कार्रवाई कर सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि उसके परमाणु ठिकानों पर किसी भी हमले को युद्ध के विस्तार के रूप में देखा जाएगा और उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
पिकऐक्स माउंटेन ईरान के नतांज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र के पास स्थित एक भूमिगत परिसर है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहाड़ के भीतर लगभग 100 मीटर से अधिक गहराई में बनाया गया है, जिससे इसे हवाई हमलों से बचाने के लिए विशेष रूप से सुरक्षित माना जाता है। यहां कई सुरंगें, मजबूत कंक्रीट से सुरक्षित प्रवेश द्वार और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने की बात कही जाती है।
इस परिसर का निर्माण वर्ष 2020 में शुरू हुआ था। उस समय ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को बताया था कि यहां परमाणु ईंधन तैयार करने वाले सेंट्रीफ्यूज बनाने की सुविधा विकसित की जाएगी। हालांकि, इस केंद्र के वास्तविक उद्देश्य को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदेह बना हुआ है।
इजरायली खुफिया एजेंसियों का दावा है कि पिछले वर्ष नतांज़, फोर्दो और इस्फहान स्थित परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों के बाद ईरान ने अपने उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार और उन्नत सेंट्रीफ्यूज का एक हिस्सा पिकऐक्स माउंटेन में स्थानांतरित कर दिया है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इस दावे पर कहा कि अमेरिका के पास फिलहाल इसकी पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक रिकॉर्ड नहीं है।
दूसरी ओर, ईरान इन सभी आरोपों को खारिज करता रहा है। तेहरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण ऊर्जा उत्पादन के लिए है और उसका परमाणु हथियार बनाने का कोई इरादा नहीं है। इसी महीने तेहरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने भी पिकऐक्स माउंटेन में गुप्त परमाणु गतिविधियों के दावों को निराधार बताया था।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका या इजरायल इस परिसर को निशाना बनाते भी हैं, तब भी इसे पूरी तरह नष्ट करना आसान नहीं होगा। पहाड़ के भीतर गहराई में स्थित होने के कारण बमबारी से अधिकतम सुरंगों के प्रवेश द्वार क्षतिग्रस्त हो सकते हैं, लेकिन मुख्य संरचना तक पहुंचना बेहद कठिन माना जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के ठिकानों को निष्क्रिय करने के लिए केवल हवाई हमले पर्याप्त नहीं होंगे।
विश्लेषकों के अनुसार, पिकऐक्स माउंटेन अब केवल एक सैन्य ठिकाना नहीं, बल्कि अमेरिका-ईरान टकराव का नया केंद्र बनता जा रहा है। यदि इस परिसर पर हमला होता है तो इससे पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और व्यापक हो सकता है। फिलहाल न तो अमेरिका ने किसी सैन्य अभियान की आधिकारिक घोषणा की है और न ही ईरान ने इस ठिकाने की वास्तविक गतिविधियों को सार्वजनिक किया है, लेकिन दोनों देशों के तीखे बयानों ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है।




