राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 22 जुलाई 2026
संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन भी लोकसभा और राज्यसभा में NEET पेपर लीक, छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर भारी हंगामा हुआ। सरकार ने एक बार फिर कहा कि वह NEET पेपर लीक सहित सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया कि निष्पक्ष चर्चा तभी संभव है जब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पहले इस्तीफा दें। लगातार विरोध और नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई और अंततः लोकसभा तथा राज्यसभा दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने पेपर लीक और छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET पेपर लीक और अन्य सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने बताया कि चर्चा की अवधि और प्रारूप सभी दलों के फ्लोर नेताओं से विचार-विमर्श के बाद तय किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का नहीं बल्कि देश के युवाओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में इस मुद्दे पर बयान देने की मांग की। इसके बावजूद विपक्ष का विरोध जारी रहा और लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर तक तथा बाद में पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गंभीर है तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पहले पद छोड़ना चाहिए। उनका कहना था कि मंत्री के पद पर बने रहने की स्थिति में निष्पक्ष चर्चा संभव नहीं होगी। विपक्ष ने नियम 267 के तहत सामान्य कार्यवाही स्थगित कर छात्र आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर तत्काल चर्चा कराने की मांग भी उठाई।
सरकार की ओर से किरेन रिजिजू और सदन के नेता जे.पी. नड्डा ने दोहराया कि सरकार किसी भी विषय पर चर्चा से पीछे नहीं हट रही है। रिजिजू ने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार अपनी शर्तें बदल रही है। उन्होंने कहा कि पहले विपक्ष चर्चा चाहता था, लेकिन अब चर्चा से पहले नई शर्तें रखी जा रही हैं।
इसी बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ दल अपने राजनीतिक हितों के लिए छात्रों और युवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार युवाओं की हर चिंता के प्रति संवेदनशील है और संसद में सार्थक चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने विपक्ष से सड़क की बजाय संसद के भीतर बहस करने की अपील की।
दिन के दौरान एक अन्य घटनाक्रम में तृणमूल कांग्रेस सांसद कल्याण बनर्जी को महिला सांसदों के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में पूरे मानसून सत्र के शेष भाग के लिए निलंबित कर दिया गया। इससे पहले लोकसभा में उनका कुछ सांसदों के साथ तीखा विवाद भी हुआ।
संसद में लगातार तीसरे दिन कामकाज ठप रहने से सरकार का विधायी एजेंडा भी प्रभावित हुआ। सरकार जहां चर्चा कर गतिरोध समाप्त करने की बात कह रही है, वहीं विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। ऐसे में फिलहाल संसद का गतिरोध टूटता नजर नहीं आ रहा है और आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे पर टकराव जारी रहने के संकेत हैं।




