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नहीं रहे केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वाम नेता अच्युतानंदन

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तिरुवनंतपुरम, केरल

22 जुलाई 2025

भारतीय वाम राजनीति की एक ऐतिहासिक और प्रखर आवाज, कॉमरेड वी.एस. अच्युतानंदन का सोमवार को तिरुवनंतपुरम के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 101 वर्ष के थे। अच्युतानंदन लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे और पिछले एक महीने से लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे।

2006 से 2011 तक केरल के मुख्यमंत्री रहे वी.एस. अच्युतानंदन न सिर्फ वामपंथ की राजनीतिक पहचान थे, बल्कि वे तीन बार राज्य में विपक्ष के नेता भी रहे — 1991-96, 2001-06 और 2011-16 के दौरान। उनकी गिनती उन नेताओं में होती है जिन्होंने आम जनता के मुद्दों को विधानमंडल के अंदर और बाहर दोनों जगह शब्दों की आग और संगठित जन आंदोलनों के ज़रिए उठाया।

जनता के ‘कॉमरेड वी.एस.’

‘कॉमरेड वी.एस.’ या बस ‘वी.एस.’ नाम से लोकप्रिय रहे अच्युतानंदन एक समय केरल की जन भावना के केंद्र बन चुके थे। वे गरीबों, किसानों और मज़दूरों की आवाज़ बनकर उभरे थे। उनकी नेतृत्व शैली में एक अनोखा संतुलन था — सादगी, कठोरता और वैचारिक स्पष्टता।

उनकी आलोचना करने वाले भी मानते थे कि उनका नैतिक बल, व्यक्तिगत ईमानदारी और संगठन के प्रति समर्पण असाधारण था।

1964 की क्रांति के साक्षी

वी.एस. अच्युतानंदन भारत के कम्युनिस्ट आंदोलन के जीवित प्रतीक थे। वे 1964 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के विभाजन के समय उन 32 नेताओं में से एक थे, जिन्होंने सीपीआई(एम) यानी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की स्थापना की थी। वे पार्टी के शुरुआती वैचारिक और सांगठनिक स्तंभों में शामिल रहे।

2019 से सार्वजनिक जीवन से दूर

2019 में स्ट्रोक (ब्रेन हैमरेज) के बाद अच्युतानंदन ने सक्रिय राजनीति से दूरी बना ली थी। इसके बाद से वे सार्वजनिक जीवन में बहुत कम दिखाई दिए। एक महीने पहले कार्डियक अरेस्ट के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे जीवन रक्षक प्रणाली पर थे।

राष्ट्रीय स्तर पर शोक की लहर

उनके निधन से केवल केरल ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के वामपंथी और लोकतांत्रिक खेमे में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, केरल के मुख्यमंत्री और विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। सीपीआई(एम) ने अपने वरिष्ठतम नेता के निधन को “एक युग का अंत” बताया। अंतिम संस्कार की तैयारियाँ तिरुवनंतपुरम में की जा रही हैं और उन्हें राजकीय सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी। अच्युतानंदन का जीवन संघर्ष, सिद्धांतों की राजनीति और जनहित में किए गए कार्य लंबे समय तक याद रखे जाएंगे। “लाल सलाम, कॉमरेड वी.एस.”

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