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WATCH VIDEO — पेपर लीक ने छीने युवाओं के सपने, राहुल बोले- सिस्टम बदलिए

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | देहरादून | 17 जुलाई 2026

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देश की परीक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव की मांग करते हुए कहा कि हर साल 9 करोड़ युवा विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ 6 लाख को ही सफलता मिलती है। उन्होंने कहा कि इसका अर्थ है कि 150 में से केवल एक अभ्यर्थी सफल हो पाता है, इसलिए परीक्षा प्रणाली पूरी तरह निष्पक्ष, सुरक्षित और पारदर्शी होनी चाहिए।

देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि देश के युवाओं के सामने दो रास्ते हैं—ईमानदारी का रास्ता और भ्रष्टाचार व पेपर लीक का रास्ता। उन्होंने कहा कि 99 प्रतिशत छात्र ईमानदारी से मेहनत करते हैं, लेकिन 1 प्रतिशत लोग सिस्टम का दुरुपयोग कर पेपर लीक और भ्रष्टाचार के जरिए करोड़ों युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करते हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि भारत को अब 21वीं सदी के अनुरूप नई परीक्षा व्यवस्था तैयार करनी होगी। उन्होंने छात्र-केंद्रित परीक्षा प्रणाली का खाका पेश करते हुए लचीली परीक्षा तिथियां (Flexible Exam Dates), सुरक्षित प्रश्न बैंक (Secure Question Bank) और रैंडम प्रश्नपत्र (Random Question Papers) लागू करने की वकालत की, ताकि पेपर लीक की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाई जा सके।

उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करने के लिए स्वतंत्र और जवाबदेह संस्थाओं का गठन जरूरी है। साथ ही दोषियों को कड़ी सजा देने, शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है।

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यदि किसी परीक्षा में पेपर लीक या अन्य अनियमितता सामने आती है, तो तुरंत पुनर्परीक्षा (Re-Exam) कराई जानी चाहिए और प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि करोड़ों युवाओं की मेहनत और उनके परिवारों के त्याग को किसी भ्रष्ट व्यवस्था की भेंट नहीं चढ़ने दिया जा सकता। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए व्यापक सहमति बनाने की अपील करते हुए कहा कि युवाओं का भरोसा बहाल करना देश की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

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