अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 16 जुलाई 2026
अमेरिका में अवैध प्रवासियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एन्फोर्समेंट (ICE) एजेंटों को स्पष्ट संदेश दिया है कि वे ट्रैफिक रोककर जांच (Traffic Stops) की कार्रवाई बंद न करें। ट्रंप ने कहा कि यह ICE के सबसे प्रभावी अपराध-रोधी हथियारों में से एक है और इसे छोड़ना अपराधियों के हाथ मजबूत करने जैसा होगा।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में टेक्सास और मेन में ICE की कार्रवाई के दौरान हुई दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं में लोगों की मौत के बाद एजेंसी ने सुरक्षा समीक्षा के लिए अधिकांश ट्रैफिक स्टॉप अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया था।
सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में ट्रंप ने कहा, “हम ICE के सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावी अपराध-रोधी हथियार ट्रैफिक स्टॉप को नहीं छोड़ सकते। यदि हमने ऐसा किया तो हम सीधे अपराधियों को फायदा पहुंचाएंगे।” उन्होंने ICE अधिकारियों की तारीफ करते हुए कहा कि वे देश को सुरक्षित बनाने का काम कर रहे हैं और अमेरिका में अपराध दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है।
ट्रंप के सीमा मामलों के सलाहकार टॉम होमन ने भी स्पष्ट किया कि ट्रैफिक स्टॉप पर रोक स्थायी नहीं है। उन्होंने कहा कि यह केवल कुछ समय के लिए लागू की गई है ताकि हाल की घटनाओं की समीक्षा की जा सके और अधिकारियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का मूल्यांकन किया जा सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई और निर्वासन अभियान पहले की तरह जारी रहेगा।
हालांकि इस फैसले ने अमेरिका में नई राजनीतिक बहस छेड़ दी है। डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसद डिक डर्बिन ने ट्रंप प्रशासन और ICE की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गिरफ्तारी और निर्वासन के लक्ष्य पूरे करने के दबाव में एजेंसी के अधिकारी पुलिसिंग के मूल सिद्धांतों का पालन नहीं कर रहे हैं। डर्बिन ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई जारी रही तो देश में भय और असुरक्षा का माहौल और बढ़ सकता है।
हाल के दिनों में हुई दो घटनाओं ने इस विवाद को और गहरा कर दिया है। मेन राज्य में ICE की कार्रवाई के दौरान एक 26 वर्षीय कोलंबियाई नागरिक की गोली लगने से मौत हो गई। गृह सुरक्षा विभाग (DHS) का कहना है कि युवक वाहन लेकर भागने की कोशिश कर रहा था और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पैदा होने पर एजेंट ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। दूसरी ओर प्रवासी अधिकार संगठनों का दावा है कि मृतक के पास अमेरिका में काम करने की वैध अनुमति थी और वह किसी तरह का खतरा नहीं था।
इसी तरह टेक्सास के ह्यूस्टन में भी एक 52 वर्षीय मैक्सिकन मूल के व्यक्ति की ICE अधिकारी की गोली से मौत हो गई। बाद में गृह सुरक्षा विभाग ने स्वीकार किया कि वह व्यक्ति एजेंसी का वास्तविक लक्ष्य नहीं था। विभाग का कहना है कि अधिकारी ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जबकि मृतक के परिवार और प्रत्यक्षदर्शियों ने इस दावे को चुनौती दी है। इस मामले की स्वतंत्र जांच भी शुरू कर दी गई है।
इन दोनों घटनाओं के बाद अमेरिका के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं। प्रवासी अधिकार संगठनों का आरोप है कि हाल के महीनों में ICE की कार्रवाई पहले से अधिक आक्रामक हुई है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, जनवरी 2025 से अब तक अमेरिका में इमिग्रेशन प्रवर्तन अभियानों के दौरान कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है।
ट्रंप प्रशासन ने व्हाइट हाउस लौटने के बाद अवैध प्रवासियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर निर्वासन अभियान शुरू किया था। सरकार का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य अपराध पर नियंत्रण और सीमा सुरक्षा को मजबूत करना है, जबकि मानवाधिकार संगठन लगातार आरोप लगा रहे हैं कि इन कार्रवाइयों में कई बार निर्दोष और वैध दस्तावेज रखने वाले लोग भी निशाना बन रहे हैं।
ट्रैफिक स्टॉप को लेकर ट्रंप के ताजा बयान से साफ है कि उनका प्रशासन अवैध प्रवासियों के खिलाफ अपनी सख्त नीति में किसी तरह की नरमी के पक्ष में नहीं है। वहीं, हाल की मौतों के बाद एजेंसी की कार्यप्रणाली और जवाबदेही को लेकर अमेरिका में राजनीतिक और कानूनी बहस और तेज होती जा रही है।




