स्पोर्ट्स | ABC NATIONAL NEWS | मियामी | 12 जुलाई 2026
इंग्लैंड ने फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में नॉर्वे को 2-1 से हराकर 28 वर्षों बाद विश्व कप के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। अब उसका सामना मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना से होगा। यह मुकाबला सिर्फ दो फुटबॉल महाशक्तियों के बीच नहीं, बल्कि विश्व कप इतिहास की सबसे चर्चित प्रतिद्वंद्विताओं में से एक का नया अध्याय भी होगा।
मियामी की भीषण गर्मी और उमस में खेले गए मुकाबले में इंग्लैंड को जीत के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। नॉर्वे ने स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड की अगुआई में इंग्लैंड पर लगातार दबाव बनाया, लेकिन निर्णायक क्षणों में जूड बेलिंगहम एक बार फिर टीम के सबसे बड़े नायक साबित हुए। उनके शानदार प्रदर्शन ने इंग्लैंड को सेमीफाइनल का टिकट दिलाया।
हालांकि जीत के बावजूद इंग्लैंड के खेल पर सवाल भी उठे। मुख्य कोच थॉमस टुखेल ने अपनी टीम के प्रदर्शन को “भाग्यशाली” और “लापरवाह” तक बताया। दूसरी ओर बेलिंगहम ने खिलाड़ियों का बचाव करते हुए कहा कि ऐसी कठिन परिस्थितियों और मजबूत प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ जीत हासिल करना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि हर मैच सुंदर फुटबॉल खेलकर नहीं जीता जाता, कई बार संघर्ष करके भी जीत हासिल करनी पड़ती है।
अब इंग्लैंड के सामने सबसे बड़ी चुनौती अर्जेंटीना होगी, जिसने अतिरिक्त समय में स्विट्जरलैंड को 3-1 से हराकर अंतिम चार में जगह बनाई। अर्जेंटीना की टीम में लियोनेल मेसी, जूलियन अल्वारेज़ और लाउतारो मार्टिनेज जैसे मैच विजेता खिलाड़ी मौजूद हैं, जबकि इंग्लैंड बेलिंगहम, हैरी केन और अपनी मजबूत रक्षापंक्ति के दम पर मैदान में उतरेगा।
इंग्लैंड और अर्जेंटीना के बीच विश्व कप मुकाबलों का इतिहास बेहद रोमांचक रहा है। 1986 विश्व कप में डिएगो माराडोना के चर्चित “हैंड ऑफ गॉड” गोल और उनके शानदार एकल गोल ने इंग्लैंड के प्रशंसकों को गहरा दर्द दिया था। 1998 विश्व कप में डेविड बेकहम के रेड कार्ड और पेनल्टी शूटआउट में इंग्लैंड की हार ने इस प्रतिद्वंद्विता को और तीखा बना दिया। अब 2026 में दोनों टीमें एक बार फिर विश्व कप के नॉकआउट मुकाबले में आमने-सामने होंगी।
इस विश्व कप का एक और ऐतिहासिक पहलू यह है कि पहली बार फीफा रैंकिंग की शीर्ष चार टीमें—स्पेन, फ्रांस, अर्जेंटीना और इंग्लैंड—सेमीफाइनल में पहुंची हैं। ऐसे में इंग्लैंड के सामने सिर्फ फाइनल में पहुंचने का अवसर ही नहीं, बल्कि फुटबॉल इतिहास के सबसे कठिन मुकाबलों में से एक जीतने की चुनौती भी होगी।
अब पूरी दुनिया की निगाहें इंग्लैंड और अर्जेंटीना के इस बहुप्रतीक्षित सेमीफाइनल पर टिकी हैं, जहां एक ओर मेसी अपने दूसरे विश्व कप खिताब की ओर बढ़ना चाहेंगे, तो दूसरी ओर इंग्लैंड 1966 के बाद पहली बार विश्व चैंपियन बनने के अपने सपने को साकार करने की कोशिश करेगा।




