राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | जयपुर | 12 जुलाई 2026
राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में लगातार हो रही मातृ मृत्यु (मैटरनल डेथ) ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भीलवाड़ा और बांसवाड़ा में महज़ छह दिनों के भीतर 9 महिलाओं की मौत हो गई, जबकि मई से अब तक पांच जिलों में 18 प्रसूताओं की जान जा चुकी है।
राज्य सरकार ने घटनाओं की जांच के लिए विशेषज्ञ मेडिकल टीमें और अलग-अलग जांच समितियां गठित की हैं। सरकार का कहना है कि शुरुआती जांच में सभी मामलों में कोई एक समान कारण नहीं मिला है। स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने दावा किया कि अस्पतालों की लापरवाही, संक्रमण या दवाओं में गड़बड़ी जैसे कारण अब तक सामने नहीं आए हैं।
भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में पांच महिलाओं की मौत हुई, जिनमें तीन का सीजेरियन ऑपरेशन हुआ था। वहीं बांसवाड़ा में एक नाबालिग सहित चार महिलाओं की मौत हुई, जिनमें अधिकांश गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।
हालांकि, लगातार बढ़ती मातृ मृत्यु ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, प्रसूति देखभाल और जवाबदेही को लेकर बहस तेज कर दी है। विपक्ष और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी मामलों की निष्पक्ष जांच और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।




