अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | मनीला | 12 जुलाई 2026
दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन पर अंतरराष्ट्रीय दबाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका, ब्रिटेन और 12 अन्य देशों ने संयुक्त बयान जारी कर 2016 के अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण (Arbitration Tribunal) के फैसले को दोहराते हुए कहा कि दक्षिण चीन सागर पर चीन के व्यापक दावे अवैध हैं। देशों ने विवादित समुद्री क्षेत्र में चीन की “अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों” को क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
यह बयान 12 जुलाई 2016 के उस ऐतिहासिक फैसले की 10वीं वर्षगांठ पर जारी किया गया, जिसमें हेग स्थित मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने चीन की तथाकथित ‘नाइन-डैश लाइन’ (Nine-Dash Line) वाले दावे को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अमान्य करार दिया था। इसके बावजूद चीन लगातार इस क्षेत्र पर अपना दावा जताता रहा है और कृत्रिम द्वीपों के निर्माण तथा सैन्य गतिविधियों को बढ़ाता रहा है।
संयुक्त बयान में सभी देशों ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) का सम्मान करने, नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने और विवादों का शांतिपूर्ण समाधान निकालने पर जोर दिया। बयान में कहा गया कि दक्षिण चीन सागर में एकतरफा और आक्रामक गतिविधियां पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकती हैं।
दक्षिण चीन सागर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से हर वर्ष खरबों डॉलर का वैश्विक व्यापार गुजरता है। ऐसे में इस मुद्दे पर बढ़ता अंतरराष्ट्रीय दबाव आने वाले समय में चीन और पश्चिमी देशों के बीच रणनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है।




