अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 11 जुलाई 2026
बांग्लादेश की अपदस्थ पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा है कि वह अपनी पार्टी अवामी लीग के वरिष्ठ नेताओं के साथ दिसंबर 2026 में भारत से बांग्लादेश लौटेंगी और अदालत के सामने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण करेंगी। मौत की सजा का सामना कर रहीं हसीना ने कहा कि वह अपने देश की न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना चाहती हैं। उनका कहना है कि दो वर्ष पहले जिस देश को छोड़ना पड़ा, उसी धरती पर लौटकर कानून का सामना करना उनका संकल्प है।
‘मरना है तो अपनी मिट्टी पर मरूं’— हसीना का भावुक संदेश
रॉयटर्स को दिए साक्षात्कार में शेख हसीना ने कहा कि उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर लगातार दमन हो रहा है। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा, “अगर मौत आती है तो मैं चाहती हूं कि वह मेरी अपनी धरती पर आए, जहां मेरे माता-पिता दफन हैं और जहां उनका खून बहा था।” हसीना ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां चाहे जैसी हों, वह अपने देश लौटकर न्यायिक प्रक्रिया का सामना करेंगी और इससे पीछे नहीं हटेंगी।
2024 में सत्ता से बेदखल, अब वापसी की तैयारी
शेख हसीना वर्ष 2024 में व्यापक जनआंदोलन के बाद सत्ता से बेदखल हो गई थीं और तब से भारत में निर्वासन का जीवन बिता रही हैं। बांग्लादेश में उनकी पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है और उनके खिलाफ कई मामलों में कार्रवाई चल रही है। ऐसे में दिसंबर में प्रस्तावित उनकी वापसी केवल कानूनी ही नहीं, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि हसीना वास्तव में लौटकर आत्मसमर्पण करती हैं, तो यह बांग्लादेश की राजनीति और न्यायिक व्यवस्था दोनों के लिए एक ऐतिहासिक घटनाक्रम साबित हो सकता है।




