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राम मंदिर चंदा विवाद

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: 13 जुलाई को CJI की बेंच करेगी सुनवाई

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 11 जुलाई 2026

अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे और दान में कथित गबन के मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। गर्मी की छुट्टियों के बाद 13 जुलाई को जब सर्वोच्च न्यायालय फिर से खुलेगा, तब मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ इस मामले से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इन याचिकाओं में कथित वित्तीय अनियमितताओं की सीबीआई जांच, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की गई है। यह मामला पिछले कुछ सप्ताह से राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और अब इसकी न्यायिक जांच की दिशा तय होने की संभावना है।

CBI जांच और ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग

सुप्रीम कोर्ट में सूचीबद्ध याचिकाओं में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह की याचिका भी शामिल है। उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले सभी दान, चढ़ावे और विदेशी अंशदान (Foreign Contributions) का पूरा वित्तीय ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की है। इसके अलावा अन्य याचिकाओं में कथित गबन की निष्पक्ष जांच सीबीआई से कराने और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तथा डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की अपील की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते डिजिटल साक्ष्यों को संरक्षित नहीं किया गया तो जांच प्रभावित हो सकती है।

गर्मी की छुट्टियों में दायर हुईं कई याचिकाएं, अब सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट की गर्मी की छुट्टियों के दौरान इस मामले में कई याचिकाएं दायर की गई थीं और अवकाशकालीन पीठ के समक्ष उनका उल्लेख भी किया गया था। अब नियमित पीठ के समक्ष सभी प्रमुख याचिकाओं को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। 13 जुलाई की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं, क्योंकि अदालत यह तय कर सकती है कि मामले में सीबीआई जांच होगी या नहीं, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की सुरक्षा को लेकर क्या निर्देश दिए जाएंगे और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड की पारदर्शिता को लेकर आगे की प्रक्रिया क्या होगी। सुप्रीम कोर्ट का आगामी आदेश इस पूरे मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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