राष्ट्रीय/ महाराष्ट्र | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 10 जुलाई 2026
मुख्यमंत्री के बयान से महाराष्ट्र की राजनीति गरमाई
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की एक टिप्पणी को लेकर राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट पर उठ रहे सवालों के बीच विधानसभा में दिया गया उनका बयान अब विपक्ष के निशाने पर है। फडणवीस ने सोशल मीडिया पर सरकार की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए कहा कि “जिन्हें कुत्ता भी नहीं पूछता, वे आजकल सोशल मीडिया पर आकर सबको गाली देते हैं।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोग पैसे लेकर ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना के खिलाफ सोशल मीडिया पर झूठ फैला रहे हैं और चेतावनी दी कि यदि किसी ने महाराष्ट्र का अपमान किया तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
भारी बारिश के बाद ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना पर उठे सवाल
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब लगातार भारी बारिश के कारण मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए बने मिसिंग लिंक सेक्शन के पास भूस्खलन हो गया। सुरंग के बाहर मलबा आने के कारण इस हिस्से को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। घटना के बाद विपक्ष ने परियोजना की गुणवत्ता और निर्माण कार्य पर सवाल उठाए। सरकार का कहना है कि यह प्राकृतिक आपदा का असर था, जबकि विपक्ष इसे निर्माण की गुणवत्ता से जोड़कर सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है।
राज ठाकरे बोले- सरकार से सवाल पूछना महाराष्ट्र का अपमान नहीं
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने मुख्यमंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पूछा कि यदि कोई नागरिक या राजनीतिक दल ‘मिसिंग लिंक’ जैसे सार्वजनिक प्रोजेक्ट पर सवाल उठाता है, तो उसे महाराष्ट्र का अपमान कैसे कहा जा सकता है। राज ठाकरे ने कहा कि सरकार की आलोचना करना और महाराष्ट्र की आलोचना करना दो अलग-अलग बातें हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आज सरकार के खिलाफ सवाल पूछने वालों को देशविरोधी या राज्यविरोधी बताने की कोशिश की जाती है। उनके अनुसार, सोशल मीडिया पर विरोध की राजनीति की शुरुआत भी बीजेपी ने ही की थी और अब उसी का सामना उसे करना पड़ रहा है।
राम मंदिर दान विवाद का भी किया जिक्र
राज ठाकरे ने अपने संबोधन में अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान गड़बड़ी के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि यदि मंदिर में चढ़ाए गए धन के इस्तेमाल पर सवाल पूछा जाता है तो इसका मतलब यह नहीं कि कोई धर्म का विरोध कर रहा है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर में उनकी भी आस्था है, लेकिन यदि हजारों करोड़ रुपये के दान को लेकर सवाल उठते हैं तो उन पर चर्चा होना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार हर सवाल का जवाब देने के बजाय सवाल पूछने वालों पर ही हमला करती है।
संजय राउत ने मुख्यमंत्री पर लगाए गंभीर आरोप
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने भी फडणवीस के बयान की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि महाराष्ट्र को एक संस्कारी मुख्यमंत्री की जरूरत है। राउत ने आरोप लगाया कि राज्य में डर और दबाव का माहौल बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महाराष्ट्र में अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति पैदा की जा रही है, जहां सरकार के खिलाफ बोलने वालों को धमकाया जा रहा है। उन्होंने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार, लूट और दबाव की राजनीति करने का भी आरोप लगाया।
फडणवीस ने क्या कहा था?
विधानसभा में बोलते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था, “हमारे जयंतराव जी ने सही कहा, जिन्हें कुत्ता भी नहीं पूछता, वे आजकल सोशल मीडिया पर आकर सबको गाली देते हैं, मुख्यमंत्री को भी गाली देते हैं। कुछ ऐसे भाड़े के टट्टू ‘मिसिंग लिंक’ के बारे में भी पैसे लेकर सोशल मीडिया पर लिख रहे थे। मैं उन्हें भी कहना चाहता हूं कि अगर महाराष्ट्र का अपमान करोगे तो छोड़ूंगा नहीं।” उनके इसी बयान को लेकर विपक्ष ने उन्हें घेर लिया है और इसे लोकतांत्रिक आलोचना को दबाने की कोशिश बताया है।
बारिश से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदला
भारी बारिश और भूस्खलन से शुरू हुआ ‘मिसिंग लिंक’ का मुद्दा अब पूरी तरह राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। एक ओर सरकार का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर महाराष्ट्र की छवि खराब करने के लिए झूठ फैला रहे हैं, वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार सार्वजनिक परियोजनाओं पर उठने वाले सवालों का जवाब देने के बजाय आलोचकों को धमकाने की भाषा इस्तेमाल कर रही है। फिलहाल मुख्यमंत्री के बयान को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।




