अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान/वॉशिंगटन | 10 जुलाई 2026
ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार देर रात उनके गृह नगर मशहद स्थित इमाम रज़ा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। छह दिनों तक चले अंतिम संस्कार के कार्यक्रम के बाद लाखों लोगों की मौजूदगी में उन्हें अंतिम विदाई दी गई। भारी भीड़ के कारण उनके ताबूत को हेलीकॉप्टर के जरिए दरगाह तक पहुंचाना पड़ा।
खामेनेई की मौत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के हवाई हमलों में हुई थी। उनके साथ परिवार के कई सदस्य भी मारे गए थे। अंतिम यात्रा के दौरान ईरान और इराक के कई शहरों में लाखों लोग सड़कों पर उतरे। मशहद में भी अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
इस बीच, अंतिम संस्कार के दौरान ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया। दोनों देशों के बीच लगातार दूसरे दिन सैन्य कार्रवाई हुई। ईरान ने अमेरिका के क्षेत्रीय ठिकानों और सहयोगी देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जबकि अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों और सामरिक क्षेत्रों पर जवाबी हमले किए।
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने देर रात कहा कि फिलहाल अमेरिका ईरान के भीतर कोई नया हमला नहीं कर रहा है, जबकि दक्षिणी ईरान में विस्फोटों की खबरें सामने आती रहीं।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से फोन पर बातचीत कर अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून और दोनों देशों के बीच हुए समझौते का उल्लंघन है।
वहीं पाकिस्तान और कतर एक बार फिर अमेरिका और ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों देशों का मानना है कि यदि तनाव जल्द नहीं थमा तो पूरा पश्चिम एशिया फिर बड़े संघर्ष की चपेट में आ सकता है।
इस बीच इज़राइल ने भी कड़ा रुख अपनाया है। इज़राइल के रक्षा मंत्री इज़राइल काट्ज़ ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो उनका देश ईरान पर तीसरी बार भी पहले से अधिक ताकत के साथ हमला करने के लिए तैयार है।
उधर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो पश्चिम एशिया में मौजूद उसके सभी सैन्य ठिकाने निशाने पर होंगे। ईरान ने यह भी दोहराया कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में व्यवस्था उसकी शर्तों पर ही चलेगी।
तेल आपूर्ति और वैश्विक व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। ओमान ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर कुछ सेवा शुल्क लगाया जा सकता है। इससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कच्चे तेल की सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
खामेनेई के अंतिम संस्कार के साथ एक अध्याय जरूर समाप्त हुआ है, लेकिन अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती सैन्य तनातनी ने पूरे पश्चिम एशिया में नए संकट की आशंका को और गहरा कर दिया है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि दोनों देश बातचीत का रास्ता चुनते हैं या हालात फिर व्यापक युद्ध की ओर बढ़ते हैं।




