राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 10 जुलाई 2026
बारिश में प्रदर्शन के बीच नया विवाद, वीडियो हटाने का आरोप
जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच एक नया विवाद सामने आया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उनका वह वीडियो भारत में ब्लॉक कर दिया गया, जिसमें वे दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन स्थल पर बारिश से बचने के लिए टेंट या तिरपाल लगाने की अनुमति देने की अपील कर रहे थे। दिपके ने सवाल उठाया कि आखिर उस वीडियो में ऐसा क्या आपत्तिजनक था, जिसे सरकार ने हटाने लायक समझा। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा कि वह सिर्फ छात्रों को बारिश से बचाने की मांग कर रहे थे।
20वें दिन भी जारी है छात्रों का आंदोलन
जंतर-मंतर पर कथित परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में चल रहा यह प्रदर्शन अब 20वें दिन में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों ने लाखों युवाओं के भविष्य को संकट में डाल दिया है। इसी मुद्दे को लेकर कई छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।
‘हम भीगते रहे, पुलिस छांव में खड़ी रही’
अभिजीत दिपके ने एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि बुधवार रात दिल्ली में हुई भारी बारिश के दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तिरपाल लगाने की अनुमति नहीं दी। उन्होंने कहा कि पूरी रात छात्र भीगते रहे, उनके कपड़े, गद्दे और बिस्तर तक पानी में भीग गए, जबकि ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी पूरी तरह सुरक्षित स्थान पर खड़े रहे। वीडियो में दिपके कहते दिखाई देते हैं कि कई छात्र बीमार पड़ने लगे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बारिश से बचने के लिए कोई अस्थायी व्यवस्था करने की अनुमति नहीं दी गई। उनका आरोप है कि पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऊपर से आदेश आने तक किसी भी तरह का टेंट या तिरपाल नहीं लगाया जा सकता।
छात्रों की हालत पर जताई चिंता
दिपके ने कहा कि आंदोलन में शामिल अधिकांश छात्र 19 से 20 वर्ष की उम्र के हैं और वे कई दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं। बारिश के कारण पूरी रात वे ठीक से सो नहीं सके। उनके गद्दे और बिस्तर भीग गए और कई छात्र स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझने लगे। उन्होंने कहा कि यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को बारिश से बचने की भी अनुमति नहीं मिलेगी, तो यह उनके साथ अन्याय होगा। उन्होंने पुलिस से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील भी की।
सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी
इसी आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तबीयत भी लगातार खराब होती जा रही है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार अनशन शुरू होने के बाद से उनका वजन सात किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है। उनका वजन अब करीब 59.40 किलोग्राम रह गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनका रक्तचाप सामान्य से कम है, हालांकि फिलहाल उनका ऑक्सीजन स्तर और रक्त शर्करा नियंत्रण में है। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए रखी है।
एक अन्य अनशनकारी अस्पताल में भर्ती
आंदोलन में शामिल AISA के सदस्य ऋषिकेश की तबीयत भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के दौरान बिगड़ गई। स्वास्थ्य अधिक खराब होने पर उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। आंदोलनकारी संगठनों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द बातचीत शुरू नहीं करती, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वीडियो ब्लॉक होने पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
अभिजीत दिपके के इस आरोप पर अभी तक केंद्र सरकार या संबंधित अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं हुआ है कि वीडियो वास्तव में किस कानूनी या तकनीकी कारण से भारत में ब्लॉक किया गया। वहीं जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और छात्र संगठन परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग पर अड़े हुए हैं।




