राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 10 जुलाई 2026
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़ने वाले तीन पूर्व राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक गुरुवार को आधिकारिक तौर पर बीजेपी में शामिल हो गए। माना जा रहा है कि ये तीनों नेता 24 जुलाई को होने वाले राज्यसभा उपचुनाव में बीजेपी के उम्मीदवार हो सकते हैं।
कोलकाता के साल्ट लेक स्थित बीजेपी के प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष समीक भट्टाचार्य ने तीनों नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन्हें राज्यसभा उपचुनाव का उम्मीदवार बनाया जाएगा या नहीं। उन्होंने कहा कि फिलहाल इन तीनों की पहचान केवल बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में है।
बीजेपी में शामिल होने के बाद सुखेंदु शेखर रॉय ने टीएमसी और ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कभी उद्योग, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने वाला पश्चिम बंगाल पहले 34 साल के वाम शासन और फिर 15 साल के टीएमसी शासन में पिछड़ गया। उनका दावा था कि आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज मामले के बाद टीएमसी जनता की भावना को समझने में पूरी तरह विफल रही और अब पार्टी का जनाधार तेजी से खत्म हो रहा है।
वहीं सुष्मिता देव, जो वर्ष 2021 में कांग्रेस छोड़कर टीएमसी में शामिल हुई थीं, उन्होंने भी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि टीएमसी में उन्होंने जमीनी स्तर तक व्यापक भ्रष्टाचार देखा। उनके अनुसार, इतनी गहरी भ्रष्टाचार की संस्कृति किसी अन्य राजनीतिक दल में देखने को नहीं मिली।
इन तीनों नेताओं ने पिछले महीने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की हार के बाद राज्यसभा की सदस्यता और पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद चुनाव आयोग ने उनके खाली हुए राज्यसभा सीटों पर 24 जुलाई को उपचुनाव कराने की घोषणा की थी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तीनों नेताओं का बीजेपी में जाना ममता बनर्जी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। खासकर इसलिए क्योंकि ये तीनों लंबे समय तक टीएमसी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। यदि बीजेपी इन्हें राज्यसभा उपचुनाव में उम्मीदवार बनाती है, तो यह पार्टी की पश्चिम बंगाल में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने की रणनीति का अहम हिस्सा माना जाएगा।
उधर, टीएमसी के भीतर भी लगातार राजनीतिक उथल-पुथल की खबरें सामने आ रही हैं। विधानसभा चुनाव के बाद पार्टी के कई विधायक और नेता बागी खेमे में जाने की खबरों ने राज्य की राजनीति को और गर्म कर दिया है।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि क्या बीजेपी आधिकारिक तौर पर इन तीनों नेताओं को राज्यसभा उपचुनाव में उम्मीदवार घोषित करती है। यदि ऐसा होता है, तो पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाले दिनों में मुकाबला और दिलचस्प होने की संभावना है।




