राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 5 जुलाई 2026
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले ने अब नया राजनीतिक मोड़ ले लिया है। विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को पत्र लिखकर मांग की है कि जिन विपक्षी नेताओं ने सार्वजनिक रूप से बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं, उनके बयान भी दर्ज किए जाएं और उनके दावों की जांच की जाए।
वीएचपी ने अपने पत्र में कहा है कि यदि विपक्षी नेताओं के पास मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं से जुड़ी कोई जानकारी या सबूत हैं, तो उन्हें जांच एजेंसियों के सामने रखा जाना चाहिए। परिषद का कहना है कि इससे जांच को सही दिशा मिलेगी और सच सामने आने में मदद मिलेगी।
वीएचपी ने जिन नेताओं का नाम लिया है, उनमें कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, सांसद संजय सिंह और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव शामिल हैं। परिषद ने कहा है कि इन नेताओं ने सार्वजनिक मंचों से बड़े वित्तीय घोटाले के आरोप लगाए हैं, इसलिए उनके दावों की भी जांच होनी चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद का कहना है कि यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी ठोस जानकारी है तो उसे केवल राजनीतिक बयान देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जांच एजेंसी के सामने भी रखा जाना चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि लगाए गए आरोप किन तथ्यों पर आधारित हैं।
उधर, राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मामला पिछले कई दिनों से राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बना हुआ है। विपक्ष लगातार इस मामले को लेकर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर सवाल उठा रहा है। वहीं, ट्रस्ट और उससे जुड़े लोग सभी आरोपों को खारिज कर चुके हैं और जांच में पूरा सहयोग देने की बात कह रहे हैं।
अब इस पूरे मामले में सबकी नजर SIT की जांच पर टिकी है। जांच एजेंसी पहले से दर्ज मामलों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। ऐसे में यह देखना होगा कि वीएचपी की मांग पर जांच का दायरा बढ़ाया जाता है या नहीं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।




