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ट्रंप की अपील के बाद रिहा हुए चीन के चर्च पादरी एज्रा जिन मिंगरी, नौ महीने बाद परिवार से मिले

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग/लॉस एंजिलिस | 5 जुलाई 2026

चीन के सबसे चर्चित भूमिगत चर्चों में से एक के पादरी एज्रा जिन मिंगरी को करीब नौ महीने की हिरासत के बाद रिहा कर दिया गया है। रिहाई के बाद वह अमेरिका पहुंच गए, जहां लंबे समय बाद उनकी अपने परिवार से मुलाकात हुई। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी ध्यान खींचा था, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी रिहाई की अपील की थी।

रिपोर्टों के अनुसार, एज्रा जिन मिंगरी शनिवार को लॉस एंजिलिस पहुंचे। वहां उनके परिवार ने उनका स्वागत किया। उनकी बेटी के साथ मुलाकात की तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिन्हें कई मानवाधिकार संगठनों ने साझा किया है।

बताया जा रहा है कि चीनी अधिकारियों ने पादरी से कहा कि उनकी रिहाई ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत के बाद संभव हुई। इसे अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सद्भावना के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।

एज्रा जिन मिंगरी चीन के प्रसिद्ध जायन चर्च के पादरी हैं। यह चर्च चीन की सरकारी मान्यता प्राप्त धार्मिक व्यवस्था से बाहर काम करता है। ऐसे चर्चों पर चीन में लंबे समय से कड़ी निगरानी और प्रशासनिक कार्रवाई होती रही है।

पादरी एज्रा को पिछले वर्ष अक्टूबर में 17 अन्य चर्च नेताओं के साथ गिरफ्तार किया गया था। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह पिछले कई दशकों में किसी एक चर्च के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक थी।

गिरफ्तारियों से कुछ समय पहले चीन ने धार्मिक गतिविधियों से जुड़े नए और सख्त नियम लागू किए थे। इन नियमों के तहत बिना अनुमति ऑनलाइन धार्मिक प्रवचन, धार्मिक प्रशिक्षण और विदेशी संगठनों से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई थी। इसके बाद धार्मिक स्वतंत्रता को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता भी जताई गई थी।

इस मामले को वैश्विक पहचान तब मिली, जब मई में चीन की यात्रा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से सीधे एज्रा जिन की रिहाई का मुद्दा उठाया। अमेरिका लौटते समय ट्रंप ने कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि शी जिनपिंग इस अनुरोध पर गंभीरता से विचार करेंगे।

हालांकि, उसी बातचीत में ट्रंप ने हांगकांग के मीडिया कारोबारी जिमी लाई की रिहाई का मुद्दा भी उठाया था। बताया गया कि शी जिनपिंग ने उस मामले को अधिक जटिल बताया था। जिमी लाई को इस वर्ष विदेशी ताकतों से मिलीभगत और अन्य आरोपों में 20 वर्ष की सजा सुनाई गई है।

पादरी एज्रा जिन मिंगरी की रिहाई का स्वागत कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने किया है। कमेटी फॉर फ्रीडम इन हांगकांग फाउंडेशन और इंटर-पार्लियामेंटरी अलायंस ऑन चाइना (IPAC) ने उनकी सुरक्षित रिहाई और परिवार से पुनर्मिलन पर खुशी जताई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिहाई ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और चीन के बीच कई संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत चल रही है। ऐसे में इसे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद के एक सकारात्मक संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, चीन में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंताएं अब भी बनी हुई हैं।

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