अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 5 जुलाई 2026
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच करीब 90 मिनट तक फोन पर बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने यूक्रेन युद्ध, कूटनीतिक समाधान और अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा की। रूस की ओर से दावा किया गया है कि ट्रंप ने युद्ध खत्म कराने के लिए हर संभव मदद करने की इच्छा जताई है।
क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव के अनुसार, बातचीत सकारात्मक और कामकाजी माहौल में हुई। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने दोबारा दोहराया कि अमेरिका युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त कराने और समाधान का रास्ता खोजने के लिए प्रयास करने को तैयार है।
रूस ने बातचीत के दौरान अपना पक्ष भी रखा। उशाकोव के मुताबिक राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन उसकी सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने यह भी दावा किया कि रूसी सेना युद्ध क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही है और नए इलाकों पर नियंत्रण हासिल कर रही है।
क्रेमलिन ने यह भी बताया कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर आगे भी मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर वे फिर से मॉस्को का दौरा कर सकते हैं ताकि बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके।
बातचीत में अमेरिका-ईरान तनाव का मुद्दा भी उठा। रूस की ओर से कहा गया कि पुतिन ने ट्रंप को मॉस्को आने का अपना पुराना निमंत्रण भी याद दिलाया।
हालांकि, इस पूरी बातचीत पर अभी तक व्हाइट हाउस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
इसी बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से फोन पर बात की। उन्होंने अमेरिका के स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी और युद्ध की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की।
यूक्रेन के राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने मोर्चे की स्थिति, कूटनीतिक प्रयासों और युद्ध समाप्त करने की संभावनाओं पर विचार किया। जेलेंस्की ने कहा कि युद्ध खत्म करने की वास्तविक संभावना मौजूद है और इसमें अमेरिका की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
दोनों नेताओं ने यह भी सहमति जताई कि नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान आमने-सामने मुलाकात कर आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।
अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि अमेरिका और रूस के बीच बढ़ता संवाद भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण हो सकता है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इन वार्ताओं का कोई ठोस परिणाम कब सामने आएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यूक्रेन युद्ध केवल रूस और यूक्रेन तक सीमित नहीं है। इसका असर पूरी दुनिया की सुरक्षा, ऊर्जा बाजार और वैश्विक राजनीति पर पड़ रहा है। ऐसे में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के बीच होने वाली हर बातचीत पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
फिलहाल यह स्पष्ट है कि सभी पक्ष बातचीत की संभावना खुली रखना चाहते हैं, लेकिन स्थायी शांति के लिए अभी कई कठिन राजनीतिक और कूटनीतिक चुनौतियां बाकी हैं।




