Home » National » श्रेय लिया तो जवाब भी दीजिए, राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अब प्रधानमंत्री की चुप्पी क्यों? : कांग्रेस

श्रेय लिया तो जवाब भी दीजिए, राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर अब प्रधानमंत्री की चुप्पी क्यों? : कांग्रेस

राष्ट्रीय | आस्था | अपराध | उत्तर प्रदेश | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 1 जुलाई 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा गबन मामले को लेकर सियासत और तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विशेष जांच दल (SIT) गठित किए जाने, एफआईआर दर्ज होने और मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब कांग्रेस ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा, आरएसएस और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को निशाने पर लिया है। कांग्रेस का कहना है कि जब राम मंदिर निर्माण, भूमि पूजन और प्राण-प्रतिष्ठा का पूरा राजनीतिक श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया था, तो अब कथित अनियमितताओं पर भी उन्हें जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच X पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा और आरएसएस को इस पूरे मामले पर देश को जवाब देना चाहिए। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह केवल वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास से जुड़ा विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मंदिर में चढ़ावे के साथ गड़बड़ी हुई है तो इसकी जवाबदेही केवल निचले स्तर के कर्मचारियों तक सीमित नहीं रह सकती।

कांग्रेस ने दावा किया कि योगी सरकार द्वारा गठित एसआईटी की जांच और उसके बाद दर्ज एफआईआर ने यह स्पष्ट कर दिया है कि मामला गंभीर है। पार्टी ने कहा कि जब पुलिस स्वयं कार्रवाई कर चुकी है, आठ लोगों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है और जांच लगातार आगे बढ़ रही है, तब पूरे घटनाक्रम पर प्रधानमंत्री की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि वास्तविक जिम्मेदार लोगों तक जांच नहीं पहुंच रही।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने कई मांगें भी रखीं। पार्टी ने एसआईटी की पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक करने, राम मंदिर में स्थापना से अब तक प्राप्त समस्त चढ़ावे और दान का स्वतंत्र ऑडिट कराने, सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने तथा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की। कांग्रेस का कहना है कि जब देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालुओं ने भगवान राम के नाम पर दान दिया है तो उस धन का पूरा और पारदर्शी हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि जांच अब केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं रह गई है। पार्टी के अनुसार निजी सुरक्षा व्यवस्था, दान प्रबंधन, बैंकिंग प्रक्रियाएं, ट्रस्ट की निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही भी जांच के दायरे में आनी चाहिए। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि मंदिर परिसर में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था मौजूद थी और निजी सुरक्षा पर हर वर्ष करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे थे, तो कथित गड़बड़ी आखिर कैसे हुई।

सुप्रिया श्रीनेत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे सवाल करते हुए कहा कि यदि राम मंदिर निर्माण को सरकार और भाजपा ने अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताया था, तो अब इस विवाद पर भी देश को जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस मामले में पारदर्शिता ही सरकार की सबसे बड़ी परीक्षा है।

उधर, अब तक की आधिकारिक कार्रवाई के अनुसार इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है, आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है और एसआईटी जांच जारी है। मामले की जांच अभी प्रचलित है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों तथा न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएंगे।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted