राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 29 जून 2026
‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद बी.के. हरिप्रसाद ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि राजनाथ ने संसद में ऑपरेशन के दौरान किसी भी सैनिक के हताहत न होने की जानकारी देकर सदन को गुमराह किया।
कांग्रेस का कहना है कि संसद में रक्षा मंत्री ने पूरे विश्वास के साथ कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत का एक भी सैनिक हताहत नहीं हुआ। यह बयान संसद की कार्यवाही का हिस्सा है और उसका वीडियो भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है, जिसमें रक्षा मंत्री सैन्य हताहत न होने की बात कहते दिखाई देते हैं।
विपक्ष का आरोप है कि अब, लगभग 13 महीने बाद, सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर में छह सैनिकों के शहीद होने की आधिकारिक सूची जारी की है। कांग्रेस का सवाल है कि यदि सैनिक शहीद हुए थे, तो संसद में दिया गया बयान किस आधार पर था। पार्टी का कहना है कि यदि उस समय पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी, तो बाद में संसद को संशोधित जानकारी दी जानी चाहिए थी।
बी.के. हरिप्रसाद ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और वहां दिए गए प्रत्येक सरकारी बयान की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि रक्षा मंत्री इस पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण दें और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
वहीं केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया है। सरकार का कहना है कि रक्षा मंत्री के संसद में दिए गए बयान को उसके पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए और विपक्ष उनके बयान की गलत व्याख्या कर रहा है। सरकार का दावा है कि तथ्यों को संदर्भ से अलग करके पेश किया जा रहा है।
अब यह विवाद केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रह गया है। विपक्ष सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग कर रहा है कि संसद में दर्ज बयान और बाद में जारी शहीदों की आधिकारिक सूची के बीच यदि कोई अंतर दिखाई देता है, तो उसका कारण क्या है। माना जा रहा है कि संसद के आगामी सत्र में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ सकता है।




