दुनिया | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 27 जून 2026
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलने के संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और दोनों देश अगले वर्ष की शुरुआत में इस दौरे को संभव बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। यदि यह दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार होता है, तो ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में यह उनकी पहली भारत यात्रा होगी और इसे दोनों देशों के संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
व्हाइट हाउस में दिए एक साक्षात्कार में मार्को रुबियो ने कहा कि वह स्वयं भी इस वर्ष के अंत तक भारत आने की योजना बना रहे हैं ताकि राष्ट्रपति ट्रंप के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और भारत-अमेरिका संबंध पहले से अधिक मजबूत हुए हैं। रुबियो ने भरोसा जताया कि अगले वर्ष की शुरुआत में राष्ट्रपति ट्रंप भारत की यात्रा कर सकते हैं।
रुबियो ने बताया कि हाल ही में जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात काफी सकारात्मक रही। उनके अनुसार दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत संबंध भी मजबूत हैं और यही विश्वास दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारों में से एक है और दोनों देश रक्षा, प्रौद्योगिकी, व्यापार तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी आशावाद व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका व्यापक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच चुके हैं और बातचीत अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि यदि समझौता तय समय पर हो जाता है, तो यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई देगा और निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण तथा आपूर्ति श्रृंखला सहयोग को और मजबूत करेगा।
रुबियो ने क्वाड समूह का भी उल्लेख किया और कहा कि अमेरिका भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ अगले क्वाड शिखर सम्मेलन का इंतजार कर रहा है। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता, समुद्री सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में चारों देशों का सहयोग लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका भारत को क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के लिए एक महत्वपूर्ण साझेदार मानता है।
डोनाल्ड ट्रंप इससे पहले फरवरी 2020 में भारत आए थे, जब अहमदाबाद में आयोजित ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित किया था। उसके बाद नई दिल्ली में दोनों नेताओं के बीच व्यापक द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। अब लगभग सात वर्ष बाद ट्रंप की संभावित दूसरी भारत यात्रा को भारत-अमेरिका संबंधों के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह दौरा तय समय पर होता है और उससे पहले व्यापार समझौता भी अंतिम रूप ले लेता है, तो रक्षा सहयोग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, निवेश और इंडो-पैसिफिक रणनीति जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों की घोषणा संभव है। ऐसे में ट्रंप की प्रस्तावित भारत यात्रा केवल एक औपचारिक राजकीय दौरा नहीं, बल्कि भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने वाला महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर साबित हो सकती है।




