व्यापार/अर्थव्यवस्था | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 22 जून 2026
भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता (Interim Trade Deal) अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद समझौते के अधिकांश बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है और अब केवल कुछ अंतिम औपचारिकताएं शेष हैं। इसी सिलसिले में अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमिसन ग्रीयर 23 और 24 जून को नई दिल्ली का दौरा करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी पक्ष इस समझौते को जल्द से जल्द लागू होते देखना चाहता है। ग्रीयर अपने दौरे के दौरान केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सहित वाणिज्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे। इन बैठकों में व्यापार समझौते के अंतिम मसौदे और लागू करने की प्रक्रिया पर चर्चा होगी।
हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि समझौते को अंतिम रूप तभी दिया जाएगा जब यह सुनिश्चित हो जाए कि भारतीय उत्पादों पर लगने वाले शुल्क (टैरिफ) भारत के प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में अधिक नहीं होंगे। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया है कि समझौते के कई प्रावधान तैयार हैं, लेकिन इसके क्रियान्वयन से पहले अमेरिका को अपनी टैरिफ नीति स्पष्ट करनी होगी।
भारत की प्राथमिकता: प्रतिस्पर्धी बाजार में बराबरी
भारत का मानना है कि यदि भारतीय निर्यातकों को अन्य देशों की तुलना में अधिक शुल्क का सामना करना पड़ा तो समझौते का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए नई दिल्ली चाहती है कि भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धी और अनुकूल पहुंच सुनिश्चित की जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह अंतरिम व्यापार समझौता सफलतापूर्वक लागू हो जाता है तो दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को नई गति मिलेगी। इससे वस्त्र, कृषि, इंजीनियरिंग, फार्मास्यूटिकल्स, सूचना प्रौद्योगिकी और विनिर्माण क्षेत्रों को विशेष लाभ मिल सकता है।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को मिलेगी नई मजबूती
पिछले कुछ वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगातार बढ़ा है। दोनों देश आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए व्यापक व्यापार समझौते की दिशा में भी काम कर रहे हैं। प्रस्तावित अंतरिम समझौते को उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक रही है और अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। यदि शेष तकनीकी और शुल्क संबंधी मुद्दों का समाधान हो जाता है, तो जल्द ही समझौते की औपचारिक घोषणा की जा सकती है।
यूरोपीय संघ के साथ भी आगे बढ़ रही बातचीत
इस बीच केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया है कि भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी तेजी से काम चल रहा है। सरकार का लक्ष्य वर्ष के अंत तक इस समझौते पर हस्ताक्षर करना और अगले वर्ष की शुरुआत में इसे लागू करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और यूरोपीय संघ दोनों के साथ व्यापारिक समझौते भारत की निर्यात क्षमता बढ़ाने, विदेशी निवेश आकर्षित करने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका मजबूत करने में अहम साबित हो सकते हैं।
फिलहाल सभी की नजरें 23-24 जून को होने वाली भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर टिकी हैं, जहां दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए अध्याय की दिशा तय हो सकती है।




