अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान | 21 जून 2026
पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने अमेरिका के साथ हुए हालिया युद्धविराम समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद करने की घोषणा की है।
ईरान के खातम अल-अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने जारी बयान में कहा कि अमेरिका ने युद्ध समाप्ति संबंधी समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया है, जबकि इजरायल दक्षिणी लेबनान में लगातार सैन्य कार्रवाई कर युद्धविराम का उल्लंघन कर रहा है। ईरान ने कहा कि इन परिस्थितियों में जहाजों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया गया है।
उधर, लेबनान में इजरायल और हिज्बुल्लाह के बीच संघर्ष जारी है। युद्धविराम लागू होने के बावजूद कई क्षेत्रों में हवाई हमलों और गोलाबारी की खबरें सामने आई हैं। इजरायल का कहना है कि वह अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सैन्य कार्रवाई जारी रखेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की जीवनरेखा माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस इसी समुद्री मार्ग से होकर गुजरती है। ऐसे में इसके बंद होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक व्यापार पर व्यापक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच, पाकिस्तान ने जानकारी दी है कि अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता रविवार को जिनेवा में फिर शुरू होगी। माना जा रहा है कि दोनों पक्ष हालिया समझौते को बचाने और क्षेत्रीय तनाव कम करने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य लंबे समय तक बंद रहता है तो इसका सीधा असर भारत सहित तेल आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें पश्चिम एशिया के तेजी से बदलते घटनाक्रम और अमेरिका-ईरान वार्ता के अगले दौर पर टिकी हुई हैं।




