अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | लंदन | 20 जून 2026
ब्रिटेन की राजनीति में सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व संघर्ष खुलकर सामने आ गया है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की कुर्सी पर अब तक का सबसे बड़ा खतरा मंडराने लगा है। ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर एंडी बर्नहैम ने मेकरफील्ड उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज कर संसद में वापसी कर ली है, जिसके बाद लेबर पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
उपचुनाव में जीत के बाद एंडी बर्नहैम ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह लेबर पार्टी के लिए बदलाव का “अंतिम अवसर” है। उनके इस बयान को सीधे तौर पर कीर स्टार्मर के नेतृत्व को चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। बर्नहैम लंबे समय से पार्टी के भीतर एक लोकप्रिय और प्रभावशाली नेता माने जाते हैं तथा उन्हें स्टार्मर के सबसे मजबूत संभावित प्रतिद्वंद्वी के रूप में देखा जाता रहा है।
दूसरी ओर प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री पद नहीं छोड़ेंगे और यदि पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर कोई चुनौती आती है तो उसका सामना करेंगे। स्टार्मर का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनकी लोकप्रियता लगातार गिर रही है और लेबर पार्टी के कई सांसद उनके नेतृत्व को लेकर असहज बताए जा रहे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एंडी बर्नहैम की संसद में वापसी केवल एक उपचुनाव जीत नहीं है, बल्कि यह लेबर पार्टी के भीतर वैचारिक और नेतृत्व संबंधी संघर्ष का नया अध्याय है। बर्नहैम पार्टी के उस धड़े का प्रतिनिधित्व करते हैं जो मानता है कि स्टार्मर के नेतृत्व में लेबर अपनी पारंपरिक पहचान और जनाधार खो रही है। वहीं स्टार्मर समर्थकों का तर्क है कि उन्होंने पार्टी को सत्ता तक पहुंचाया और अब उन्हें स्थिर नेतृत्व देने का अवसर मिलना चाहिए।
ब्रिटेन की राजनीति में यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब देश आर्थिक चुनौतियों, महंगाई, स्वास्थ्य सेवाओं पर बढ़ते दबाव और वैश्विक अस्थिरता का सामना कर रहा है। ऐसे में सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर नेतृत्व संकट सरकार की कार्यक्षमता पर भी असर डाल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आने वाले महीनों में लेबर पार्टी के भीतर असंतोष और बढ़ता है तो पार्टी में औपचारिक नेतृत्व चुनौती की स्थिति बन सकती है। हालांकि फिलहाल स्टार्मर प्रधानमंत्री पद छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहे हैं, लेकिन एंडी बर्नहैम की वापसी ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि लेबर पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष अब पर्दे के पीछे नहीं, बल्कि खुलकर सामने आने लगा है।
ब्रिटेन की राजनीति में आने वाले सप्ताह बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। नजर इस बात पर होगी कि क्या एंडी बर्नहैम अपने बढ़ते जनसमर्थन को नेतृत्व चुनौती में बदलते हैं या फिर स्टार्मर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को नियंत्रित करने में सफल रहते हैं। फिलहाल इतना तय है कि लंदन की सत्ता के गलियारों में राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है और 10 डाउनिंग स्ट्रीट पर दबाव पहले से कहीं अधिक बढ़ गया है।




