Home » Politics » “वे मेरे सीनियर हैं, बचपन से मुझे जानते हैं” — कल्याण बनर्जी के हमलों पर अभिषेक का संयमित जवाब

“वे मेरे सीनियर हैं, बचपन से मुझे जानते हैं” — कल्याण बनर्जी के हमलों पर अभिषेक का संयमित जवाब

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता | 12 जून 2026

तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी के आरोपों पर पहली बार प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के भीतर बढ़ते विवाद और सार्वजनिक बयानबाजी के बीच अभिषेक ने टकराव का रास्ता अपनाने के बजाय संयमित रुख दिखाते हुए कहा, “कल्याण बनर्जी मेरे सीनियर हैं। उन्होंने मुझे बचपन से देखा है और मैं उनका सम्मान करता हूं।”

दरअसल, हाल के दिनों में कल्याण बनर्जी लगातार अभिषेक बनर्जी पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने पार्टी के भीतर फैसले लेने की प्रक्रिया, नेतृत्व शैली और संगठन की दिशा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा कि तृणमूल कांग्रेस को यह तय करना होगा कि वह पुराने अनुभवी नेताओं के साथ खड़ी है या केवल अभिषेक बनर्जी के इर्द-गिर्द सिमटती जा रही है।

इन तीखे आरोपों के बावजूद अभिषेक बनर्जी ने सार्वजनिक रूप से कोई पलटवार नहीं किया। उन्होंने कहा कि पार्टी का हित व्यक्तिगत मतभेदों से बड़ा है और सभी नेताओं का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके बयान को पार्टी के भीतर बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक हलकों में यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस कई चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी के भीतर असंतोष, कुछ नेताओं की नाराजगी और संगठनात्मक फैसलों को लेकर उठ रहे सवालों ने नेतृत्व पर दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे माहौल में कल्याण बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बीच मतभेदों ने नई चर्चा छेड़ दी है।

विश्लेषकों का मानना है कि अभिषेक का नरम और सम्मानजनक जवाब यह संकेत देता है कि वह सार्वजनिक विवाद को और बढ़ाना नहीं चाहते। वहीं दूसरी ओर, कल्याण बनर्जी के लगातार बयानों से यह साफ हो गया है कि तृणमूल कांग्रेस के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।

अब राजनीतिक नजरें मुख्यमंत्री और पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उन्हें संगठन के भीतर बढ़ती असहमति को संभालने और वरिष्ठ नेताओं तथा नई पीढ़ी के नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।

फिलहाल अभिषेक बनर्जी के एक वाक्य ने पूरे विवाद का राजनीतिक संदेश दे दिया है—”वे मेरे सीनियर हैं, बचपन से मुझे जानते हैं।” लेकिन सवाल यह है कि क्या यह सम्मानजनक जवाब पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को शांत कर पाएगा, या तृणमूल में चल रहा सत्ता संघर्ष आगे और गहराएगा।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted