राष्ट्रीय | समा मेहरा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 12 जून 2026
अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 विमान हादसे को एक वर्ष पूरा हो गया है, लेकिन दुर्घटना की अंतिम जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक नहीं होने पर पायलटों के संगठन ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। 261 लोगों की जान लेने वाली इस भीषण त्रासदी की बरसी पर फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) से जांच प्रक्रिया में हो रही देरी पर जवाब मांगा है।
फेडरेशन के अध्यक्ष सी.एस. रंधावा ने अहमदाबाद में आयोजित एक प्रेस वार्ता में कहा कि महज 32 सेकंड की उड़ान से जुड़े हादसे की जांच में एक साल का समय लग जाना कई सवाल पैदा करता है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच पूरी नहीं हुई है तो कोई अधूरी या अंतरिम रिपोर्ट जारी नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि इससे दुर्घटना के कारणों को लेकर भ्रम और अटकलें और बढ़ सकती हैं।
12 जून 2025 को हुए इस दर्दनाक हादसे में एयर इंडिया का बोइंग 787 विमान उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद दुर्घटनाग्रस्त होकर बी.जे. मेडिकल कॉलेज के छात्रावास परिसर में गिर गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों के अलावा जमीन पर मौजूद 19 लोगों की भी मौत हो गई थी, जिससे कुल मृतकों की संख्या 261 तक पहुंच गई थी। यह भारत के सबसे भयावह विमान हादसों में से एक माना जाता है।
जांच रिपोर्ट में देरी का एक प्रमुख कारण विमान के इंजनों से संबंधित तकनीकी डेटा का विश्लेषण है। इंजन निर्माता कंपनी जनरल इलेक्ट्रिक (GE) अभी भी AI-171 के इंजनों से प्राप्त आंकड़ों का अध्ययन कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक सभी तकनीकी निष्कर्ष स्पष्ट नहीं हो जाते, तब तक अंतिम रिपोर्ट जारी करना उचित नहीं होगा।
इस बीच विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि इतने बड़े हादसे की जांच में पारदर्शिता और समयबद्धता दोनों आवश्यक हैं। पीड़ित परिवारों और विमानन उद्योग को अब भी यह जानने का इंतजार है कि आखिर दुर्घटना के पीछे तकनीकी खामी, मानवीय त्रुटि या कोई अन्य कारण जिम्मेदार था।
एयर इंडिया ने हादसे की पहली बरसी पर अपने सभी कार्यालयों और परिचालन केंद्रों में दो मिनट का मौन रखकर मृतकों को श्रद्धांजलि दी। वहीं, पीड़ित परिवारों ने भी जल्द से जल्द अंतिम जांच रिपोर्ट जारी करने की मांग दोहराई है ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने आ सके और भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।
एक साल बाद भी AI-171 हादसे के कई सवाल अनुत्तरित हैं। अब देश की निगाहें AAIB की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो न केवल इस दुर्घटना के रहस्य से पर्दा उठाएगी बल्कि भारतीय विमानन सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण सबक साबित हो सकती है।




