Home » Politics » लाठियों के साथ राबड़ी आवास के बाहर डटे RJD कार्यकर्ता, लालू परिवार की सुरक्षा बहाल करने की मांग

लाठियों के साथ राबड़ी आवास के बाहर डटे RJD कार्यकर्ता, लालू परिवार की सुरक्षा बहाल करने की मांग

राजनीति / बिहार | ABC NATIONAL NEWS | पटना | 7 जून 2026

पटना में पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi और Lalu Prasad Yadav के आवास के बाहर शनिवार रात से राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के कार्यकर्ता लाठियां लेकर पहरा देते दिखाई दिए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की पुरानी सुरक्षा व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, तब तक वे आवास के बाहर डटे रहेंगे। यह घटनाक्रम बिहार सरकार द्वारा दोनों नेताओं की सुरक्षा श्रेणी में बदलाव के बाद सामने आया है।

RJD नेताओं का आरोप है कि राज्य सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के तहत लालू परिवार की सुरक्षा में कटौती की है। पार्टी प्रवक्ताओं का कहना है कि यह विपक्षी नेताओं को अपमानित करने और उन पर दबाव बनाने की कोशिश है। इसी विरोध के तहत कार्यकर्ता राबड़ी देवी के पटना स्थित आवास के बाहर रातभर पहरा देते रहे और सुरक्षा बहाल करने की मांग करते रहे।

दूसरी ओर, बिहार सरकार और NDA नेताओं का कहना है कि सुरक्षा संबंधी सभी फैसले निर्धारित प्रक्रिया और सुरक्षा समीक्षा समिति की सिफारिशों के आधार पर लिए जाते हैं। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया है कि RJD इस मुद्दे पर “दबाव की राजनीति” कर रही है। उनका कहना है कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते नियमों के अनुसार सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

मामले को और राजनीतिक रंग इसलिए भी मिल गया है क्योंकि हाल के दिनों में राबड़ी देवी को पटना के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास को खाली करने का नोटिस भी दिया गया था। इस आवास को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है और सुरक्षा कटौती के मुद्दे ने इस विवाद को और गर्मा दिया है।

ALSO READ  चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई: तमिलनाडु की 42 पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द, बीजेपी-DMK सहयोगी दल भी प्रभावित

इस बीच, लालू परिवार द्वारा संशोधित सुरक्षा व्यवस्था स्वीकार न करने और RJD कार्यकर्ताओं द्वारा स्वयं पहरा देने की तस्वीरें बिहार की राजनीति में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष का दावा है कि पूरा मामला केवल नियमों और सुरक्षा समीक्षा प्रक्रिया के तहत लिया गया प्रशासनिक निर्णय है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *