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राष्ट्रपति मुर्मू का युवाओं से आह्वान: शिक्षा और तकनीक के बल पर गढ़ें विकसित और आत्मनिर्भर भारत

राष्ट्रीय / शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 जून 2026

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के युवाओं को भारत की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए उन्हें शिक्षा, कौशल और तकनीक के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि युवा ही भारत की आशा, ऊर्जा और उज्ज्वल भविष्य हैं तथा उनके सामर्थ्य से ही विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।

राष्ट्रपति भवन में जनजातीय कार्य मंत्रालय की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लाभार्थियों से संवाद करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जब युवा शिक्षा और आधुनिक तकनीक की ताकत के साथ आगे बढ़ते हैं तो वे न केवल अपना भविष्य संवारते हैं, बल्कि पूरे राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय समुदायों के युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत है। विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं और विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें सशक्त बनाकर विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।

राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा केवल रोजगार पाने का साधन नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी दक्षता को अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि आज का युवा ही कल के भारत की दिशा और दशा तय करेगा।

द्रौपदी मुर्मू ने युवाओं से अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि देश को ऐसे युवाओं की आवश्यकता है जो अपने ज्ञान और प्रतिभा का उपयोग समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान तथा राष्ट्रहित में करें।

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राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि शिक्षित, जागरूक और तकनीक-संपन्न युवा भारत को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को साकार करेंगे और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

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