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चीन की सबसे बड़ी खदान त्रासदी: गैस विस्फोट में 82 मजदूरों की मौत, 2 अब भी लापता

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | शांक्सी (चीन) | 25 मई 2026

चीन के उत्तरी शांक्सी प्रांत में स्थित लिउशेन्यू कोयला खदान में हुए भीषण गैस विस्फोट ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 82 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि दो श्रमिक अब भी लापता बताए जा रहे हैं। यह पिछले लगभग दो दशकों में चीन की सबसे बड़ी खनन त्रासदियों में से एक मानी जा रही है।

शुक्रवार को हुए इस विस्फोट के समय खदान के अंदर कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे। सैकड़ों राहतकर्मी लगातार बचाव अभियान चला रहे हैं। चीन की सरकारी मीडिया के मुताबिक, हादसे के बाद 128 घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जबकि कई मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि खदान संचालित करने वाली Tongzhou Group ने सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन किया था। रिपोर्ट के अनुसार, आधे से ज्यादा मजदूर बिना आधिकारिक रजिस्ट्रेशन के खदान में उतरे थे। कई मजदूरों ने आरोप लगाया कि कंपनी सुरक्षा को लेकर बेहद लापरवाह थी और उन्हें अपने हेलमेट तक खुद खरीदने पड़ते थे।

घटना के बाद चीन सरकार ने देशभर में अवैध और असुरक्षित खनन गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। राज्य परिषद ने फर्जी सुरक्षा आंकड़े, भूमिगत मजदूरों की गलत संख्या और अवैध ठेकों पर “कड़ा राष्ट्रीय अभियान” चलाने की घोषणा की है।

हादसे से बचकर निकले मजदूर वांग योंग ने बताया कि विस्फोट के बाद अचानक सल्फर जैसी तेज गंध और धुएं का गुबार फैल गया। उन्होंने कहा, “कुछ ही सेकंड में लोग दम घुटने से गिरने लगे… हर तरफ अफरा-तफरी मच गई।”

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शांक्सी प्रांत चीन के सबसे बड़े कोयला उत्पादन क्षेत्रों में गिना जाता है। हालांकि हाल के वर्षों में चीन ने खदान सुरक्षा में सुधार के दावे किए हैं, लेकिन खराब सुरक्षा मानकों और कमजोर निगरानी के कारण हादसे लगातार सामने आते रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हादसा चीन की तेज औद्योगिक विकास नीति और श्रमिक सुरक्षा के बीच बढ़ते टकराव को उजागर करता है। दुनिया के सबसे बड़े कोयला उपभोक्ता देश में यह त्रासदी अब सरकार की खनन नीति और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

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