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चीन की खदान त्रासदी पर पीएम मोदी ने जताया दुख, राष्ट्रपति शी जिनपिंग को भेजी संवेदनाएं

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली/बीजिंग | 24 मई 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के शांक्सी प्रांत में हुई भीषण कोयला खदान दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और चीन की जनता के प्रति संवेदना प्रकट की है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक कम से कम 82 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मजदूर अब भी लापता बताए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी संदेश में कहा कि इस दुखद दुर्घटना के बारे में जानकर उन्हें गहरा आघात पहुंचा है। उन्होंने भारत की जनता की ओर से मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों को शक्ति मिले और जो लोग अब भी लापता हैं, वे जल्द सुरक्षित मिल जाएं।

यह हादसा शुक्रवार रात उत्तरी चीन के शांक्सी प्रांत के किनयुआन काउंटी स्थित लिउशेन्यू कोयला खदान में हुआ, जहां गैस विस्फोट के समय लगभग 247 मजदूर भूमिगत काम कर रहे थे। शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 90 बताई गई है। इसे वर्ष 2009 के बाद चीन की सबसे बड़ी खनन त्रासदियों में से एक माना जा रहा है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और सैकड़ों बचावकर्मी खदान के भीतर फंसे लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी हादसे के तुरंत बाद बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घायलों के इलाज और लापता मजदूरों की तलाश में कोई कमी नहीं छोड़ी जानी चाहिए। चीनी प्रशासन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। रिपोर्टों के मुताबिक, खदान में जहरीली गैस का स्तर सामान्य सीमा से काफी अधिक पाया गया था, जबकि इस खदान को पहले भी सुरक्षा खामियों को लेकर चेतावनी दी जा चुकी थी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह हादसा चीन के औद्योगिक सुरक्षा ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े करता है। दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उत्पादक और उपभोक्ता होने के बावजूद चीन में खदान हादसों का इतिहास काफी पुराना रहा है। हालांकि पिछले वर्षों में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने के प्रयास हुए हैं, लेकिन इस तरह की बड़ी दुर्घटनाएं यह दिखाती हैं कि कई क्षेत्रों में अब भी गंभीर लापरवाही मौजूद है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा भेजा गया संवेदना संदेश भारत और चीन के बीच मानवीय और कूटनीतिक संबंधों का भी महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।

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