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जो देश अपने हथियार खुद बनाता है, वही अपना भविष्य लिखता है: राजनाथ सिंह

राष्ट्रीय | अवधेश झा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली/शिर्डी | 24 मई 2026

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जो राष्ट्र अपने हथियार और रक्षा तकनीक खुद विकसित करता है, वही दुनिया में आत्मविश्वास और ताकत के साथ अपना भविष्य तय करता है। महाराष्ट्र के शिर्डी में NIBE ग्रुप के अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि आने वाले समय के युद्ध केवल सैनिकों की संख्या से नहीं, बल्कि आधुनिक हथियारों, ऑटोमेशन, मिसाइल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता से तय होंगे। इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान भी मौजूद रहे।

राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि दुनिया के बड़े रक्षा उत्पादन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि “आत्मनिर्भर भारत” केवल एक नारा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक मजबूती का आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में भारत ने रक्षा क्षेत्र में रिकॉर्ड प्रगति की है और अब स्वदेशी तकनीक के जरिए आधुनिक तोप प्रणाली, मिसाइल, रॉकेट सिस्टम, स्पेस टेक्नोलॉजी और ऑटोनॉमस डिफेंस प्लेटफॉर्म तैयार किए जा रहे हैं। उनका मानना है कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता भारत को वैश्विक शक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रही है।

शिर्डी में शुरू हुए इस नए डिफेंस कॉम्प्लेक्स में अत्याधुनिक आर्टिलरी सिस्टम, मिसाइल तकनीक, रॉकेट सिस्टम, एनर्जेटिक मटेरियल और आधुनिक रक्षा प्लेटफॉर्म तैयार किए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं न केवल सेना को मजबूत करेंगी, बल्कि देश में रोजगार, तकनीकी विकास और निजी क्षेत्र की भागीदारी को भी नई गति देंगी। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारत का लक्ष्य आने वाले वर्षों में रक्षा निर्यात को कई गुना बढ़ाना है ताकि देश वैश्विक रक्षा बाजार में एक बड़ी ताकत बन सके।

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मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी इस परियोजना को महाराष्ट्र और देश के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि राज्य तेजी से भारत के औद्योगिक और रक्षा उत्पादन केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों और निवेश के जरिए महाराष्ट्र आने वाले वर्षों में दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को चुनौती देने की क्षमता रखता है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत अब रक्षा क्षेत्र में विदेशी निर्भरता कम करने और स्वदेशी तकनीक आधारित सैन्य शक्ति विकसित करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा चुका है। आने वाले समय में भारत की रक्षा नीति और उत्पादन क्षमता एशिया ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की रणनीतिक राजनीति को प्रभावित कर सकती है।

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