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मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर मौत का तांडव: बारातियों से भरे ट्रक को कंटेनर ने रौंदा, 12 की मौत, 25 गंभीर रूप से घायल

राष्ट्रीय / महाराष्ट्र / सड़क हादसा | अमरनाथ प्रसाद | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 18 मई 2026

महाराष्ट्र के पालघर जिले में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने खुशियों को मातम में बदल दिया। मुंबई-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर कासा क्षेत्र के पास बारातियों से भरे एक छोटे ट्रक और तेज रफ्तार कंटेनर के बीच हुई भीषण टक्कर में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसा सोमवार सुबह करीब चार बजे हुआ, जब डहाणू तहसील के बापूगांव से बारातियों को लेकर जा रहा एक छोटा आईशर ट्रक हाईवे से गुजर रहा था। इसी दौरान गुजरात की ओर जा रहे एक कंटेनर ट्रक ने नियंत्रण खो दिया और सामने से आ रहे वाहन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों वाहन पलट गए और बारातियों से भरा ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण सबसे पहले मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने के बाद कासा पुलिस, हाईवे रेस्क्यू टीम और एंबुलेंस घटनास्थल पर पहुंचीं। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।

घायलों को तुरंत कासा उप-जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कई लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए मुंबई और ठाणे के अस्पतालों में रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार कई घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।

पुलिस के मुताबिक, हादसे की शुरुआती वजह कंटेनर चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही मानी जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि चालक को झपकी आने के कारण वाहन अनियंत्रित हो गया। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।

इस भीषण दुर्घटना के कारण मुंबई-अहमदाबाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया और कई घंटों तक यातायात प्रभावित रहा। बाद में पुलिस और प्रशासन ने मलबा हटाकर यातायात बहाल कराया।

महाराष्ट्र सरकार ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं घायलों को 50-50 हजार रुपये की मदद और मुफ्त इलाज का आश्वासन दिया गया है।

यह हादसा एक बार फिर देश की सड़कों पर तेज रफ्तार, ओवरलोडिंग और लापरवाह ड्राइविंग के खतरनाक सच को सामने लाता है। सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों की जान यूं ही हाईवे पर लापरवाही की भेंट चढ़ती रहेगी?

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