राष्ट्रीय/ तमिलनाडु | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 16 मई 2026
तमिलनाडु में नई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की कैबिनेट के मंत्रियों के विभागों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। राजभवन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री विजय ने राज्यपाल को मंत्रिपरिषद के विभागों और विषयों के आवंटन की सिफारिश की थी, जिसे मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री विजय ने अपने पास सबसे महत्वपूर्ण गृह मंत्रालय (Home Department) रखा है, जबकि वरिष्ठ नेता सेंगोट्टैयन को वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नई कैबिनेट में आधव अर्जुना को लोक निर्माण विभाग (PWD) दिया गया है, जिसे राज्य की सबसे प्रभावशाली जिम्मेदारियों में माना जाता है। वहीं एन. आनंद को ग्रामीण विकास और जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी मिली है। एस. कीर्तना को उद्योग मंत्रालय सौंपा गया है, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि नई सरकार औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन पर विशेष जोर देना चाहती है।
मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार 10 मई को शपथ लेने के बाद से लगातार प्रशासनिक ढांचे को अंतिम रूप देने में जुटी हुई थी। विभागों के बंटवारे को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई दिनों से चर्चा चल रही थी, खासकर वित्त, गृह और PWD जैसे अहम मंत्रालयों को लेकर।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गृह मंत्रालय अपने पास रखकर मुख्यमंत्री विजय ने साफ संकेत दिया है कि कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक नियंत्रण और राजनीतिक फैसलों पर उनकी सीधी पकड़ रहेगी। वहीं वित्त मंत्रालय सेंगोट्टैयन को सौंपना अनुभव और राजनीतिक संतुलन दोनों को साधने की रणनीति माना जा रहा है।
आधव अर्जुना को PWD दिए जाने को भी अहम राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि यह विभाग राज्य में बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, सड़क निर्माण और सरकारी निर्माण कार्यों से जुड़ा हुआ है। इसी तरह उद्योग मंत्रालय एस. कीर्तना को देकर सरकार ने युवाओं, निवेश और औद्योगिक विकास पर फोकस दिखाया है।
नई सरकार के गठन के बाद तमिलनाडु की राजनीति में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी TVK की जीत के बाद अब सरकार के शुरुआती फैसलों पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। विपक्ष जहां नई सरकार के कामकाज पर निगरानी रख रहा है, वहीं समर्थक इसे “नई राजनीतिक संस्कृति” की शुरुआत बता रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में विजय सरकार की असली परीक्षा कानून-व्यवस्था, रोजगार, निवेश और बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर होगी। विभागों के बंटवारे के साथ अब प्रशासनिक कामकाज को गति देने की तैयारी शुरू हो चुकी है।




