अपराध | ABC NATIONAL NEWS | सीतामढ़ी | 13 मई 2026
सीतामढ़ी जिले के एक शांत माने जाने वाले हिस्से में देर रात घटित हुई एक घिनौनी घटना ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है, जहाँ एक 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ सरेराह दुष्कर्म की ख़बर से स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। पीड़िता नानी के घर जा रही थी तभी एक अज्ञात युवक ने उसे अकेला देखकर हमला कर दिया; हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया जबकि घायल बच्ची को तत्काल स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकीय जांच के बाद बच्ची को आवश्यक प्राथमिक इलाज उपलब्ध कराया गया और उसे आगे की देखभाल के लिए आवश्यक संवेदनशीलता के साथ मेडिकल टीमों को सौंप दिया गया।
घटना की जानकारी मिलते ही सुबह होते ही सड़कों पर भारी संख्या में लोग जमा हो गए और पुलिस-प्रशासन के विरुद्ध तीखी नाराजगी व्यक्त की। लोग मुख्य मार्गों पर उतरकर टायर जला कर और रास्ते जाम कर प्रदर्शन करने लगे, कुछ स्थानों पर उग्र भीड़ ने सब्जी व फल के ठेलों को आग के हवाले कर दिया जिससे हालात और पेचीदा हो गए और सार्वजनिक व्यवस्था बाधित हुई। प्रदर्शन और आगजनी के कारण कई घंटों तक इलाके में अफरातफरी का माहौल बना रहा और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिए।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरन्त कार्रवाई करते हुए घटना स्थल से साक्ष्य जुटाने के साथ ही पीड़िता के परिजन के बयानों पर एफआईआर दर्ज कर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर गहनता से छापेमारी शुरू कर दी है। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक पहचान पीड़ित परिवार के परिचित व्यक्ति की ओर संकेत करती है और आरोपित की गिरफ्तारी के लिए परिजनों से पूछताछ की जा रही है, साथ ही संभावित ठिकानों पर रैद भी की जा रही है। पुलिस ने कहा कि आरोपी को जल्द पकड़ने के लिए सभी कोशिशें जारी हैं और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील इलाकों पर विशेष निगरानी बढ़ा दी गई है।
घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दोषियों को कड़ी सज़ा देने और पीड़िता को तुरंत न्याय व संरक्षण देने की मांग की है। साथ ही स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक सहायता उपलब्ध कराने, पीड़िता की पहचान गोपनीय रखने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की जा रही है। मानवाधिकार व महिला सुरक्षा समूहों ने भी मामले पर संज्ञान लेकर प्रशासन से शीघ्र और पारदर्शी कार्रवाई की मांग की है; उन्होंने यह भी कहा कि मीडिया रिपोर्टिंग में संवेदनशीलता बरती जाए और पीड़िता की पहचान उजागर न हो।
इस किस्म की घटनाओं के बाद पुलिस और प्रशासन पर उत्तरदायित्व और बेहतर सुरक्षा इंतजामों की मांग तेज हो जाती है, खासकर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थानीय निगरानी, सार्वजनिक रोशनी व कमरशहर क्षेत्रों में पेट्रोलिंग बढ़ाने की सिफारिशें उठती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों, मोहल्लों व परिवारों में जागरूकता अभियान और एक त्वरित रिपोर्टिंग- एवं रिस्पांस तंत्र आवश्यक है ताकि समय पर बचाव और आरोपी की शीघ्र पहचान व गिरफ्तारी हो सके।
पुलिस ने जुटाए सबूत
पुलिस ने पीड़िता को तत्काल चिकित्सीय उपचार के लिए अस्पताल भेजा है और घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित कर लगातार छापेमारी की जा रही है।घटना के बाद आरोपी घर छोड़कर फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए उसके परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, ताकि आरोपी के संभावित ठिकानों का पता लगाया जा सके।
इधर पुलिस कार्यालय से मामले में प्रेस बयान जारी कर बताया गया है कि मामले की गंभीरता को संज्ञान में लेते हुए सदर एसडीपीओ वन राजीव कुमार सिंह के नेतृत्व में एसआईटी का गठन करते हुए पीड़िता के मां के बयान पर एफआईआर कर छापेमारी शुरू कर दी गई है। अभियुक्त की पहचान पीड़ित पक्ष के जानने वाले के रूप में की गई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।




