राष्ट्रीय | शीतांशु रमन | ABC NATIONAL NEWS | लखनऊ | 13 मई 2026
समाजवादी पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने छोटे भाई प्रतीक यादव के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। बुधवार को पहली बार सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ईश्वर आत्मा को शांति दे…”। इस भावुक संदेश के बाद पूरे प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई और विभिन्न दलों के नेताओं ने यादव परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
प्रतीक यादव, दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के पुत्र थे। उनका निधन लखनऊ में हुआ। बताया जा रहा है कि उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। उनके निधन की खबर सामने आते ही बड़ी संख्या में समर्थक, रिश्तेदार और राजनीतिक कार्यकर्ता यादव परिवार के आवास पहुंचने लगे।
अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रतीक हमेशा अपने स्वास्थ्य को लेकर सजग रहते थे और अपनी जिंदगी को अनुशासित ढंग से जीना पसंद करते थे। उन्होंने कहा कि प्रतीक ने हमेशा राजनीति से दूरी बनाकर रखी और अपने व्यवसाय तथा निजी जीवन पर अधिक ध्यान दिया। अखिलेश ने यह भी कहा कि जिंदगी में आने वाले तनाव और कारोबारी दबाव कई बार व्यक्ति को भीतर से कमजोर कर देते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले ही उनकी प्रतीक से मुलाकात हुई थी और तब उन्होंने उन्हें आराम करने तथा स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी थी।
प्रतीक यादव का नाम भले ही सक्रिय राजनीति में ज्यादा नहीं रहा, लेकिन वे उत्तर प्रदेश की चर्चित राजनीतिक हस्तियों में गिने जाते थे। वे फिटनेस प्रेमी माने जाते थे और जिम तथा स्वास्थ्य संबंधी गतिविधियों में उनकी विशेष रुचि थी। सोशल मीडिया पर भी उनकी फिटनेस को लेकर अक्सर चर्चा होती रहती थी। वे भारतीय जनता पार्टी की नेता Aparna Yadav के पति थे। अपर्णा यादव ने समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा था, जिसके बाद से प्रतीक यादव का नाम राजनीतिक चर्चाओं में भी आने लगा था।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने भी प्रतीक यादव के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी संदेश में कहा गया कि प्रतीक यादव का असामयिक निधन अत्यंत दुखद है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की।
इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इसे यादव परिवार के लिए अपूरणीय क्षति बताया। सोशल मीडिया पर भी हजारों लोगों ने शोक संदेश साझा किए। राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर नेताओं द्वारा दी गई श्रद्धांजलि ने यह संदेश दिया कि दुख की घड़ी में पूरा राजनीतिक समाज एक साथ खड़ा है।
प्रतीक यादव के निधन को लेकर कई तरह की चर्चाएं भी सामने आ रही हैं। हालांकि परिवार की ओर से अभी विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रारंभिक जानकारी में स्वास्थ्य संबंधी समस्या की बात कही जा रही है। डॉक्टरों की रिपोर्ट और अन्य औपचारिक प्रक्रियाओं के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासनिक स्तर पर भी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
यादव परिवार लंबे समय से उत्तर प्रदेश की राजनीति का केंद्र रहा है। ऐसे में प्रतीक यादव का निधन केवल एक पारिवारिक क्षति नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी एक भावुक क्षण बन गया है। Mulayam Singh Yadav के निधन के बाद यह दूसरा बड़ा अवसर है जब पूरा परिवार गहरे दुख में दिखाई दे रहा है। समर्थकों और शुभचिंतकों की भीड़ लगातार परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रही है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े परिवार भी निजी दुख और भावनात्मक संकट से अछूते नहीं होते। राजनीति से दूर रहकर साधारण और निजी जीवन जीने वाले प्रतीक यादव के अचानक निधन ने सभी को स्तब्ध कर दिया है। अब पूरा प्रदेश दिवंगत आत्मा की शांति और यादव परिवार को इस कठिन समय से उबरने की शक्ति मिलने की प्रार्थना कर रहा है।




