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Breaking News : तमिलनाडु में विजय की बड़ी जीत, फ्लोर टेस्ट में TVK सरकार को मिला बहुमत

राजनीति | गुंजन सिन्हा | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 13 मई 2026

AIADMK में बड़ी टूट, 25 बागी विधायकों ने विजय के पक्ष में किया मतदान

तमिलनाडु की राजनीति में बुधवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार ने विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। फ्लोर टेस्ट में विजय सरकार के पक्ष में 144 वोट पड़े, जबकि 22 विधायकों ने विरोध में मतदान किया और 5 सदस्यों ने मतदान से दूरी बनाई। सबसे बड़ा राजनीतिक झटका AIADMK को लगा, जहां पार्टी के 25 बागी विधायकों ने आधिकारिक लाइन से अलग जाकर विजय सरकार के समर्थन में वोट दिया। वहीं एडप्पादी पलानीस्वामी गुट के 22 विधायकों ने सरकार के खिलाफ मतदान किया।

विश्वास मत के दौरान विधानसभा में भारी हंगामा देखने को मिला। AIADMK के बागी नेता एस.पी. वेलुमणि ने खुलकर विजय सरकार का समर्थन किया। इसके बाद सदन में दोनों गुटों के बीच तीखी नोकझोंक हुई।

विश्वास मत से पहले विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार पर हमला बोलते हुए DMK विधायकों के साथ वॉकआउट कर दिया। उन्होंने विजय सरकार पर “राजनीतिक खरीद-फरोख्त” का आरोप लगाते हुए कहा, “यह बदलाव नहीं, एक्सचेंज की राजनीति है।”

उदयनिधि स्टालिन ने विजय पर कटाक्ष करते हुए कहा, “Instagram Reel वाली राजनीति छोड़िए और कुछ Real governance कीजिए।”

हालांकि विजय सरकार ने विपक्ष के आरोपों के बावजूद आसानी से बहुमत साबित कर दिया। TVK को कांग्रेस, CPI, CPI(M), VCK, IUML और AIADMK बागी गुट का समर्थन मिला।

किसके कितने वोट पड़े?

सरकार के पक्ष में 144 वोट:

TVK – 105
AIADMK (वेलुमणि गुट) – 25
कांग्रेस – 5
CPI – 2
CPI(M) – 2
VCK – 2
IUML – 2
AMMK से निष्कासित MLA – 1
विरोध में 22 वोट:
AIADMK (EPS गुट)

मतदान से दूरी:

PMK – 4
BJP – 1

फ्लोर टेस्ट के दौरान मुख्यमंत्री विजय ने कहा कि उनकी सरकार “घोड़े की रफ्तार से काम करेगी, घोड़े की खरीद-फरोख्त से नहीं।”

उन्होंने भरोसा दिलाया कि पिछली सरकार की सभी जनकल्याण योजनाएं जारी रहेंगी और उनकी सरकार “धर्मनिरपेक्ष और जनहित आधारित शासन” देगी।

इस बीच सदन में NEET परीक्षा रद्द होने का मुद्दा भी उठा। कई विधायकों ने केंद्र सरकार और NTA पर सवाल उठाए और तमिलनाडु में NEET के खिलाफ पुराने रुख को जारी रखने की मांग की।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक AIADMK में यह बगावत पार्टी के लिए बड़ा संकट बन सकती है। फ्लोर टेस्ट ने साफ कर दिया कि तमिलनाडु की राजनीति अब दो बड़े द्रविड़ दलों के पारंपरिक ढांचे से बाहर निकलकर नए समीकरणों की ओर बढ़ रही है।

विजय सरकार की यह जीत सिर्फ विश्वास मत की जीत नहीं मानी जा रही, बल्कि इसे तमिलनाडु की नई राजनीतिक दिशा के रूप में देखा जा रहा है। वहीं AIADMK के भीतर खुली टूट ने आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति को और ज्यादा अस्थिर और दिलचस्प बना दिया है।

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