राष्ट्रीय / केरल | ABC NATIONAL NEWS | नईं दिल्ली/ तिरुअनंतपुरम 10 मई 2026
केरल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद के चेहरे को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज होती दिखाई दे रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच बढ़ती गुटबाजी और नेतृत्व संघर्ष ने हाईकमान की चिंता बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi भी राज्य इकाई में बढ़ती आपसी कलह से नाराज बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केरल कांग्रेस में फिलहाल कई दिग्गज नेता मुख्यमंत्री पद की संभावित दौड़ में माने जा रहे हैं। इनमें VD Satheesan, K Sudhakaran और Shashi Tharoor जैसे नाम प्रमुख रूप से चर्चा में हैं। पार्टी के भीतर अलग-अलग गुट अपने-अपने नेताओं को आगे बढ़ाने में जुटे हैं, जिससे संगठनात्मक एकजुटता प्रभावित होती नजर आ रही है।
सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी ने हाल ही में पार्टी नेताओं के साथ हुई बैठकों में स्पष्ट संदेश दिया है कि व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा और सार्वजनिक बयानबाजी से पार्टी को नुकसान हो रहा है। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि केरल में पार्टी चुनाव से पहले “एकजुट चेहरा” पेश करे, ताकि वाम मोर्चे और बीजेपी दोनों के खिलाफ मजबूत मुकाबला तैयार किया जा सके।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि केरल कांग्रेस लंबे समय से गुटीय राजनीति से जूझती रही है। कभी ओमन चांडी और रमेश चेन्निथला खेमे के बीच प्रतिस्पर्धा चर्चा में रहती थी, तो अब नई पीढ़ी के नेताओं के बीच नेतृत्व को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ती दिखाई दे रही है। ऐसे समय में जब कांग्रेस दक्षिण भारत में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है, केरल की अंदरूनी कलह पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है।
इसी बीच कांग्रेस हाईकमान संगठनात्मक बदलाव और सामूहिक नेतृत्व मॉडल पर भी विचार कर रहा है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि मुख्यमंत्री चेहरे की जल्द घोषणा के बजाय चुनाव को सामूहिक नेतृत्व के तहत लड़ा जाना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ एक वर्ग का तर्क है कि स्पष्ट नेतृत्व के बिना चुनावी संदेश कमजोर पड़ सकता है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, केरल कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती केवल विपक्ष से लड़ना नहीं, बल्कि अपनी आंतरिक एकता बनाए रखना भी है। यदि गुटबाजी खुलकर सामने आती रही, तो इसका सीधा फायदा सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा यानी LDF को मिल सकता है।
फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व स्थिति को संभालने में जुटा हुआ है, लेकिन यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि केरल में मुख्यमंत्री पद की दौड़ आने वाले दिनों में पार्टी के भीतर और बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकती है।




