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ऑपरेशन सिंदूर के एक साल: जब भारत ने पाकिस्तान के 11 एयरबेस पर किया था बड़ा हवाई हमला

राष्ट्रीय | महेंद्र सिंह | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 9 मई 2026

भारत के चर्चित सैन्य अभियान “ऑपरेशन सिंदूर” को कल एक साल पूरा होने जा रहा है। 9 और 10 मई 2025 की रात भारतीय वायुसेना ने ऐसा सैन्य अभियान चलाया था, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था। इस ऑपरेशन में भारत ने पाकिस्तान के 11 सैन्य हवाई अड्डों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया था। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह पहली बार था जब किसी परमाणु शक्ति संपन्न देश के इतने बड़े सैन्य ढांचे पर एक साथ सटीक हवाई हमला किया गया।

ऑपरेशन सिंदूर को भारत की आधुनिक सैन्य रणनीति का सबसे साहसी और निर्णायक अभियान माना जाता है। भारतीय वायुसेना ने अत्याधुनिक लड़ाकू विमानों, लंबी दूरी की मिसाइलों और सटीक लक्ष्यभेदी हथियारों का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के कई अहम एयरबेस, रनवे, कमांड सेंटर और हथियार भंडार को निशाना बनाया था। सैन्य सूत्रों के मुताबिक इस कार्रवाई में पाकिस्तान वायुसेना की लगभग 20 प्रतिशत सामरिक क्षमता प्रभावित हुई थी।

भारत ने यह अभियान उस समय शुरू किया था जब सीमा पार से लगातार आतंकी गतिविधियों और सैन्य उकसावे की घटनाएं बढ़ रही थीं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने दावा किया था कि पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल आतंकवादी ढांचे को समर्थन देने और भारत विरोधी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े उच्चस्तरीय विचार-विमर्श के बाद यह ऑपरेशन शुरू किया गया।

ऑपरेशन के दौरान पूरी दुनिया की नजर दक्षिण एशिया पर टिक गई थी। अमेरिका, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन और संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की थी। हालांकि भारत ने साफ कहा था कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के तहत की गई सीमित सैन्य कार्रवाई थी।

भारतीय वायुसेना के इस अभियान को लेकर देशभर में जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिली थी। कई सैन्य विशेषज्ञों ने इसे “नई भारतीय सैन्य नीति” का संकेत बताया, जिसमें आतंकवाद और सीमा पार हमलों के खिलाफ सीधे और निर्णायक जवाब की रणनीति दिखाई दी।

एक साल बाद भी ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा रक्षा और रणनीतिक मामलों में प्रमुखता से होती है। इसे भारत की सैन्य क्षमता, तकनीकी ताकत और राजनीतिक इच्छाशक्ति के उदाहरण के रूप में देखा जाता है। देश के कई हिस्सों में कल इस अभियान की वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम, सैन्य चर्चाएं और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के आयोजन भी किए जाने की संभावना है।

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