नई दिल्ली/अहमदाबाद | ABC NATIONAL NEWS | 9 मई 2026
अहमदाबाद में जून 2025 में हुए Air India AI-171 विमान हादसे की जांच अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने शुक्रवार को कहा कि Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की रिपोर्ट अगले महीने तक सार्वजनिक की जा सकती है।
गुजरात के GIFT City में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बातचीत में मंत्री ने कहा कि यह जांच पूरी गंभीरता, निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जा रही है, क्योंकि इस हादसे में विदेशी नागरिकों की भी मौत हुई थी और पूरी दुनिया की नजर इस जांच पर बनी हुई है।
राममोहन नायडू ने कहा कि AAIB स्वतंत्र रूप से जांच कर रहा है और केंद्र सरकार की ओर से हर जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी देश या अंतरराष्ट्रीय संस्था की ओर से सवाल उठ सकते हैं, इसलिए जांच प्रक्रिया को बेहद जिम्मेदारी के साथ पूरा किया जा रहा है।
दरअसल, 12 जून 2025 को Air India की फ्लाइट AI-171 अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लंदन गैटविक के लिए उड़ान भरने के कुछ ही मिनट बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। Boeing 787-8 Dreamliner विमान मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल परिसर पर गिरा था और टक्कर के बाद उसमें भीषण आग लग गई थी।
इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 की मौत हो गई थी, जबकि जमीन पर मौजूद 19 लोगों ने भी जान गंवाई थी। कुल 260 मौतों के साथ यह हाल के वर्षों की भारत की सबसे बड़ी विमान दुर्घटनाओं में शामिल हो गया।
हादसे के बाद से पीड़ित परिवार लगातार जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और ब्लैक बॉक्स डेटा जारी करने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में गुजरात के करीब 30 परिवारों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर Cockpit Voice Recorder (CVR) और Flight Data Recorder (FDR) की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की थी, ताकि दुर्घटना की असली वजह सामने आ सके।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए एक विशेष सेल भी बनाया है, जो मुआवजे और अन्य सहायता कार्यों की निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी परिवार को किसी प्रकार की समस्या है तो मंत्रालय उसकी मदद करेगा।
इस हादसे के बाद भारत में विमान सुरक्षा, तकनीकी निरीक्षण और एयरलाइन संचालन को लेकर कई बड़े सवाल उठे थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह साफ हो सकेगा कि दुर्घटना तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि या किसी अन्य वजह से हुई थी। अब पूरे देश और विमानन क्षेत्र की नजर AAIB की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई है।




