ABC NATIONAL NEWS | हेल्थ डेस्क | 8 मई 2026
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने हंटावायरस को लेकर दुनिया को सतर्क किया है। एक क्रूज शिप में इस वायरस से तीन यात्रियों की मौत के बाद WHO ने कहा है कि आने वाले दिनों में और मामले सामने आ सकते हैं। हालांकि संगठन का मानना है कि अगर सावधानी बरती गई तो यह प्रकोप “सीमित” ही रहेगा।
जानकारी के मुताबिक MV Hondius नामक क्रूज शिप पर यात्रा कर रहे कुछ यात्री इस खतरनाक वायरस की चपेट में आए। तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक और संक्रमित यात्री यूरोप पहुंचा है। अब स्वास्थ्य एजेंसियां जहाज पर मौजूद बाकी यात्रियों और उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
क्या है हंटावायरस? हंटावायरस एक दुर्लभ लेकिन गंभीर वायरस माना जाता है। यह आमतौर पर संक्रमित चूहों और दूसरे कृन्तकों (Rodents) के मल, पेशाब या लार के संपर्क से फैलता है। कुछ मामलों में यह इंसान से इंसान में भी फैल सकता है, जिससे चिंता और बढ़ गई है।
इसके लक्षण क्या हैं? विशेषज्ञों के अनुसार हंटावायरस के शुरुआती लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हो सकते हैं—
– तेज बुखार
– शरीर में दर्द
– सिरदर्द
– कमजोरी
– सांस लेने में दिक्कत
गंभीर स्थिति में यह फेफड़ों और किडनी को भी प्रभावित कर सकता है।
WHO ने क्या कहा? WHO का कहना है कि अभी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। संगठन ने साफ किया कि यह कोई वैश्विक महामारी जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन देशों को सतर्क रहने की जरूरत है।
स्वास्थ्य एजेंसियों ने यात्रियों, एयरपोर्ट अधिकारियों और मेडिकल टीमों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। कई देशों ने क्रूज शिप से जुड़े यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
भारत के लिए कितना खतरा? भारत के स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल देश में कोई बड़ा खतरा नहीं है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के अधिकारियों ने भी कहा है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है।
क्या बरतें सावधानी? डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि—
– गंदगी और चूहों वाले इलाकों से बचें
– हाथों की सफाई रखें
– बुखार या सांस की परेशानी होने पर तुरंत जांच कराएं
– विदेश यात्रा से लौटने पर स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को नजरअंदाज न करें
– जागरूकता और समय पर सावधानी ही इस तरह के संक्रमण को फैलने से रोक सकती है।




