राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | तिरुवनंतपुरम | 8 मई 2026
केरल में कांग्रेस की सत्ता वापसी के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस के भीतर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है और मामला अब पूरी तरह पार्टी हाईकमान के हाथों में पहुंच चुका है। कांग्रेस आलाकमान रविवार को मुख्यमंत्री के नाम का अंतिम ऐलान कर सकता है। तीन बड़े नेताओं के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं — विपक्ष के नेता वी.डी. सतीशन, कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला।
तिरुवनंतपुरम से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज है। शहर की सड़कों पर अलग-अलग नेताओं के समर्थन में बड़े-बड़े पोस्टर और बैनर लगाए गए हैं। कार्यकर्ताओं के बीच भी अपने-अपने नेताओं को मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि वी.डी. सतीशन, रमेश चेन्निथला और केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सनी जोसेफ शनिवार को दिल्ली पहुंचेंगे, जहां हाईकमान के साथ अंतिम दौर की बातचीत होगी। इसके बाद पार्टी नेतृत्व मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लगाएगा।
वी.डी. सतीशन को युवा और आक्रामक चेहरे के तौर पर देखा जा रहा है। विधानसभा में विपक्ष के नेता रहते हुए उन्होंने कई मुद्दों पर वाम सरकार को घेरा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाई। वहीं के.सी. वेणुगोपाल संगठन और दिल्ली दरबार में बेहद प्रभावशाली माने जाते हैं। गांधी परिवार के करीबी नेताओं में उनकी गिनती होती है।
दूसरी ओर रमेश चेन्निथला लंबे राजनीतिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ के कारण मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। कांग्रेस के एक वर्ग का मानना है कि राज्य की जटिल राजनीति को संभालने के लिए अनुभवी चेहरा जरूरी होगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कांग्रेस इस बार किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। पार्टी जानती है कि लंबे समय बाद सत्ता में वापसी का मौका मिला है, इसलिए मुख्यमंत्री चयन में संतुलन, अनुभव और संगठनात्मक एकजुटता तीनों को ध्यान में रखा जाएगा।
दिलचस्प बात यह भी है कि मुख्यमंत्री पद की इस दौड़ ने केरल कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को फिर चर्चा में ला दिया है। समर्थक खुले तौर पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर अपने नेताओं के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं।
अब सबकी नजर दिल्ली पर टिकी हुई है। रविवार को होने वाला फैसला सिर्फ मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि कांग्रेस आने वाले वर्षों में केरल की राजनीति को किस दिशा में ले जाना चाहती है।




