अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 8 मई 2026
चीन में युवाओं के बीच तेजी से फैल रहे “Lying Flat” यानी “Tang Ping” ट्रेंड ने अब वहां की सरकार की चिंता बढ़ा दी है। कभी इंटरनेट पर मजाक और मीम्स तक सीमित रहने वाला यह ट्रेंड अब चीन की आर्थिक और सामाजिक व्यवस्था के लिए चुनौती बनता दिखाई दे रहा है। चीन की सरकार का आरोप है कि पश्चिमी देश और विदेशी संगठन जानबूझकर चीनी युवाओं को मेहनत, करियर और प्रतिस्पर्धा से दूर करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि चीन की आर्थिक ताकत कमजोर की जा सके।
दरअसल “Lying Flat” का मतलब है — लगातार भागदौड़, ओवरवर्क और सामाजिक दबाव से दूरी बनाकर बेहद साधारण और न्यूनतम जीवन जीना। चीन के लाखों युवा अब 9 बजे सुबह से 9 बजे रात तक और हफ्ते में 6 दिन काम करने वाली “996 वर्क कल्चर” से ऊब चुके हैं। बढ़ती बेरोजगारी, महंगे घर, कम वेतन और भविष्य को लेकर असुरक्षा ने युवाओं में निराशा पैदा कर दी है।
चीन के स्टेट सिक्योरिटी मंत्रालय ने हाल ही में दावा किया कि कुछ विदेशी समर्थित मीडिया संस्थान और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स “मेहनत का कोई फायदा नहीं”, “काम सिर्फ शोषण है” और “रेस से बाहर निकलना ही आजादी है” जैसे विचारों को बढ़ावा दे रहे हैं। बीजिंग का मानना है कि यह सिर्फ सामाजिक ट्रेंड नहीं बल्कि चीन की आर्थिक शक्ति और राष्ट्रीय महत्वाकांक्षाओं को कमजोर करने की रणनीति हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि चीन की पूरी विकास नीति अनुशासित श्रम, कठोर प्रतिस्पर्धा और लगातार काम करने की संस्कृति पर टिकी रही है। लेकिन अब युवा पीढ़ी उसी मॉडल पर सवाल उठा रही है। चीन में युवाओं की बेरोजगारी दर 16 से 24 वर्ष के आयु वर्ग में लगभग 17 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है। लाखों युवा सरकारी नौकरियों के पीछे भाग रहे हैं क्योंकि उन्हें निजी क्षेत्र में स्थिर भविष्य दिखाई नहीं दे रहा।
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी पहले इस ट्रेंड पर चिंता जता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि समाज में “Involution” और “Lying Flat” जैसी मानसिकता को रोकना जरूरी है ताकि लोग आगे बढ़ने और मेहनत करने के लिए प्रेरित रहें। लेकिन सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में युवा अब खुलकर कह रहे हैं कि कड़ी मेहनत के बावजूद उन्हें न घर मिल रहा है, न आर्थिक सुरक्षा और न ही बेहतर जीवन की गारंटी।
विश्लेषकों का मानना है कि “Lying Flat” सिर्फ एक सोशल मीडिया ट्रेंड नहीं बल्कि चीन के भीतर बढ़ती आर्थिक थकान, सामाजिक दबाव और टूटते भरोसे का संकेत है। चीन जहां अमेरिका के साथ तकनीकी और आर्थिक प्रतिस्पर्धा में दुनिया की सबसे बड़ी ताकत बनने की तैयारी कर रहा है, वहीं युवाओं का सिस्टम से मोहभंग सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।




