अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | बीजिंग | 8 मई 2026
चीन में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान के बीच देश के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को सैन्य अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक पूर्व रक्षा मंत्री Li Shangfu और Wei Fenghe को रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में दोषी पाया गया है। हालांकि दोनों की फांसी की सजा पर दो साल की रोक रहेगी, जिसके बाद इसे बिना पैरोल वाली उम्रकैद में बदल दिया जाएगा।
चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार अदालत ने दोनों नेताओं की सभी निजी संपत्तियां भी जब्त करने का आदेश दिया है। जांच में पाया गया कि दोनों पूर्व मंत्रियों ने भारी मात्रा में रिश्वत ली और अपने पद का इस्तेमाल निजी फायदे और दूसरों को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए किया।
वेई फेंगहे चीन के रक्षा मंत्री के रूप में 2018 से 2023 तक कार्यरत रहे थे। उनके बाद मार्च 2023 में ली शांगफू को रक्षा मंत्री बनाया गया, लेकिन उनका कार्यकाल बेहद छोटा रहा। ली अचानक सार्वजनिक जीवन से गायब हो गए थे, जिसके बाद अक्टूबर 2023 में उन्हें पद से हटा दिया गया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक ली शांगफू पर “भारी रकम की रिश्वत लेने” और “दूसरों को लाभ पहुंचाने” के आरोप लगे थे। वहीं वेई फेंगहे पर भी बड़े पैमाने पर धन और कीमती सामान रिश्वत के रूप में लेने तथा सैन्य नियुक्तियों में अनुचित हस्तक्षेप करने के आरोप साबित हुए।
चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping पिछले कई वर्षों से सेना और कम्युनिस्ट पार्टी के भीतर भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चला रहे हैं। इसी अभियान के तहत हाल के महीनों में कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और नेताओं को हटाया गया है। फरवरी 2026 में शी जिनपिंग ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चीनी सेना ने “भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में क्रांतिकारी परीक्षा” से गुजरना शुरू कर दिया है।
हालांकि आलोचकों का आरोप है कि चीन में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को कमजोर करने और सत्ता पर पकड़ मजबूत करने के लिए भी किया जाता रहा है। इसके बावजूद चीन सरकार इसे सैन्य और प्रशासनिक व्यवस्था को साफ करने की बड़ी कार्रवाई बता रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्व रक्षा मंत्रियों को इतनी कड़ी सजा दिया जाना इस बात का संकेत है कि चीन की सत्ता और सेना के भीतर भ्रष्टाचार को लेकर शीर्ष नेतृत्व बेहद सख्त रुख अपना चुका है।




