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नेपाल में गैस मौजूद, लेकिन सिलेंडरों की कमी से सप्लाई ठप; आधे भरे सिलेंडर की नीति बनी वजह

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अंतरराष्ट्रीय / नेपाल | ABC NATIONAL NEWS | काठमांडू | 3 मई 2026

काठमांडू। नेपाल में इस समय एक अजीब स्थिति बनी हुई है—देश में एलपीजी गैस की कमी नहीं है, लेकिन सिलेंडरों की कमी के कारण आम लोगों तक गैस पहुंच नहीं पा रही है। आधे भरे सिलेंडर देने की नीति ने पूरे वितरण सिस्टम को असंतुलित कर दिया है, जिससे बाजार में भारी अव्यवस्था पैदा हो गई है।

नेपाल एलपी गैस एसोसिएशन के अनुसार, गैस कंपनियां अपने भंडारण टैंकों से गैस निकालने में भी असमर्थ हैं, क्योंकि उनके पास भरने के लिए पर्याप्त खाली सिलेंडर नहीं हैं। एसोसिएशन के अध्यक्ष दीवान बहादुर चंद का कहना है कि बड़ी संख्या में सिलेंडर उपभोक्ताओं के घरों में ही अटके हुए हैं। लोग आधे भरे सिलेंडर लेने के बजाय पूरे सिलेंडर का इंतजार कर रहे हैं, जिससे सप्लाई का सामान्य चक्र टूट गया है।

नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन ने कुछ समय पहले ऊर्जा बचाने के उद्देश्य से आधे भरे सिलेंडर देने का निर्णय लिया था। इसके तहत एक सिलेंडर में लगभग चौदह किलो के बजाय करीब सात किलो गैस ही दी जा रही है। हालांकि इस फैसले ने व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए गंभीर समस्या खड़ी कर दी है।

होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि आधा भरा सिलेंडर बड़े पैमाने पर खाना पकाने के लिए पर्याप्त नहीं होता। काठमांडू के एक कैफे संचालक अर्निको राजभंडारी के मुताबिक, “कम गैस होने से प्रेशर नहीं बनता, इसलिए हमें सिलेंडर को गर्म पानी से गर्म करना पड़ता है, जो सुरक्षित नहीं है।”

स्थिति को और चिंताजनक बना रही हैं बाजार में फैल रही अवैध गतिविधियां। कई जगहों पर सिलेंडरों में एक से दूसरे में गैस भरने की शिकायतें सामने आई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की प्रक्रिया बेहद खतरनाक है, क्योंकि इससे सिलेंडर के वाल्व खराब हो सकते हैं और गैस रिसाव या विस्फोट का खतरा बढ़ जाता है।

पहले गैस वितरण प्रणाली संतुलित थी—एक हिस्सा प्लांट में, एक हिस्सा डीलरों के पास और बाकी उपभोक्ताओं के पास रहता था। लेकिन अब लगभग दो-तिहाई सिलेंडर सीधे उपभोक्ताओं के पास जमा हो गए हैं, जिससे पूरी आपूर्ति श्रृंखला बाधित हो गई है।

नेपाल में कुल मिलाकर एक करोड़ से अधिक एलपीजी सिलेंडर प्रचलन में हैं। हर महीने बड़ी मात्रा में गैस की जरूरत होती है, लेकिन सिलेंडरों की कमी ने सप्लाई को जाम कर दिया है।

गैस की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। उपभोक्ताओं को अब आधे भरे सिलेंडर के लिए भी ज्यादा भुगतान करना पड़ रहा है। बावजूद इसके, नेपाल ऑयल कॉरपोरेशन का कहना है कि उसे हर सिलेंडर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है।

नेपाल अपनी एलपीजी जरूरतों के लिए पूरी तरह भारत पर निर्भर है। वहीं, वैश्विक हालात और आपूर्ति में अनिश्चितता के कारण स्थिति और जटिल हो गई है। हाल के महीनों में काठमांडू घाटी में लोगों को गैस के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई दुकानों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि क्या फिर से पूरे भरे सिलेंडर की आपूर्ति शुरू की जाए, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। अधिकारी फिलहाल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

नेपाल में गैस की उपलब्धता होने के बावजूद सिलेंडरों की कमी ने आम लोगों और कारोबारियों दोनों के लिए बड़ी समस्या खड़ी कर दी है। अगर जल्द ही वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया, तो यह संकट और गहरा सकता है।

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